पशुपालक ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन...कृमि नाशक दवाई पिलाने स... - CG Sandesh

पशुपालक ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन...कृमि नाशक दवाई पिलाने से 59 भेड़-बकरियों की मौत…

बालोद  :   बालोद जिले में पशु विभाग द्वारा एक पशुपालक को दिए गए कृमि नाशक दवाई की सेवन कराने के बाद 59 भेड़ बकरियों की हुई मौत. कारण जानने रायपुर से पहुंचे पशु विभाग की टीम द्वारा मृत पशु का पोस्टमार्टम कर जांच के लिए भेजा गया भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ( आईवीआरआई )।

दरअसल जिले के डौंडी विकासखंड स्थित ग्राम भर्रीटोला 43 के एक पशुपालन भेड़ बकरी पालन कर अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं इनके पास लगभग 250 से अधिक भेड़ बकरियां था. पशुपालक से मिली जानकारी के अनुसार बालोद से पशु विभाग के चिकित्सक उनके घर पहुंच उनके पशुओं को कृमि नाशक दवाई सेवन कराने की बात कहते हुए दवाई दिए थे. जिसके अनुसार 16 अक्टूबर को पशुपालक अपने भेड़ बकरियों को कृमि नाशक दवाई पिलाए, 1 दिन बाद 18 अक्टूबर से भेड़ बकरियों का मौत का सिलसिला जारी हो गया. पशुपालन के अनुसार दवाई सेवन करने से पहले भेड़ बकरियों की मौत नहीं हो रहा था. लेकिन दवाई पिलाने के बाद 59 भेड़ बकरियां की मौत हो गई. घटना के बाद पशुपालक ने पूरे मामले में जांच और मुआवजे की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

मामले में पशु विभाग के उपसंचालक का कहना है कि कृमि नाशक दवाई के बाद भेड़ बकरियों की मौत हुई है कहना मैं गलत तो नही कह सकता. लेकिन मापदंडों के अनुसार पिलाने से उनकी मौत नही होती है. जिले में अन्य भेड़ बकरी पलकों को भी दिया गया था लेकिन उनकी ऐसी कोई शिकायत नहीं है, इनके द्वारा दवाई की डोज अधिक देने से ऐसा हो सकता है।पशु उप संचालक की माने तो उनके अनुसार 15 से 16 भेड़ बकरियों की मौत हुई है, जबकि पशुपालक द्वारा 59 भेड़ बकरी की मौत की बात कही गई. पशु उपसंचालक ने बताया कि ब्लड सैंपल में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाया, रायपुर से पहुंची टीम द्वारा मृत पशु के किन्नी लम्स के अंश जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ( आईवीआरआई ) ले जाया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा की मौत का असल वजह क्या है।


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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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