किसानों से धान पंजीयन नाम पर पैसा लेने का आरोप... कम्प्यूटर ... - CG Sandesh

किसानों से धान पंजीयन नाम पर पैसा लेने का आरोप... कम्प्यूटर ऑपरेटर बर्खास्त

 कबीरधाम : कवर्धा में कोदवागोड़ान सेवा सहकारी समिति के कम्प्यूटर ऑपरेटर कुलदीप चन्द्राकर को बर्खास्त किया गया है. कम्प्यूटर ऑपरेटर पर किसानों से धान पंजीयन नाम पर पैसा लेने के आरोप था. जांच में सही पाये जाने पर कलेक्टर ने कार्रवाई की है.

चार दिनों में राज्य में हो चुकी 69,783 मीट्रिक टन धान की खरीदी

सीएम भूपेश बघेल के घोषणा के अनुरूप प्रदेश में धान खरीदी का महाभियान 01 नवम्बर से शुरू हो चुका है। बीते चार दिनों में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर 69 हजार 783 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। आज 4 नवम्बर को किसानों से 23 हजार 89 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। धान के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 283..07करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है।


खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज धान बेचने वाले किसानों को 8671 टोकन जारी किए गए थे। जिसमें 606 टोकन तुंहर हाथ एप्प द्वारा जारी किए गए थे। 5 नवम्बर को राज्य में धान उपार्जन के लिए 12,577 टोकन तथा तुंहर हाथ एप के जरिये 1,428 टोकन जारी किए गए है। राज्य में धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है।

अधिकारी धान की व्यवस्था पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। धान खरीदी को लेकर कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है। खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि इस वर्ष लगभग 110 लाख मीट्रिक धान का उपार्जन अनुमानित है।

समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 1.86 लाख नये किसान है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 2497 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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