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जंगल में युवक ने चलती ट्रेन से कूदकर दी जान, परिवार वालों को किया था मैसेज

बिलासपुर के जंगल में एक युवक ने चलती ट्रेन से कूदकर जान दे दी। युवक की लाश रेल लाइन के नीचे 80 मीटर गहरी खाई में पड़ी थी, जिसे बाहर निकालने के लिए पुलिस को सात घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। युवक के पास से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। घटना कोटा थाना के बेलगहना चौकी क्षेत्र की है।

पुलिस को बीते 24 अक्टूबर को जानकारी मिली कि भनवारटंक रेलवे स्टेशन के आगे घने जंगलों में रेलवे टनल के पहले दो पहाड़ को जोड़ने वाला अमरनाला पुल के नीचे एक युवक का शव पड़ा है।

 जानकारी मिलने पर चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ने स्टेशन मास्टर और पेंड्रा के RPF प्रभारी से संपर्क किया। इसके साथ ही ग्रामीणों से पूछताछ की, तब पता चला कि जिस जगह पर लाश मिली है, वहां तक पहुंचने का कोई साधन नहीं है।

इस पर दूसरे दिन 25 अक्टूबर को पुलिस की चार सदस्यीय टीम मौके के लिए रवाना हुई और पूरे दिन शव को बाहर निकालने के लिए मशक्कत करती रही। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से भनवारटंक रेलवे स्टेशन से 4 किमी पैदल चलकर पुलिस की टीम रेलवे टनल के पास पहुंची, जहां पुल के 80 मीटर नीचे युवक का शव पड़ा था। शव को ऊपर तक लाने के लिए ग्रामीणों के साथ पुलिस को 7 घंटे मशक्कत करनी पड़ी।

चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ने बताया कि भनवारटंक रेलवे स्टेशन के आगे पैदल पहाड़ी रास्ता होने से टीम के सदस्य, RPF और ग्रामीणों की मदद से पहाड़ी रास्ता तय कर अमरनाला रेलवे पुल के पास पहुंचे, जहां 80 मीटर नीचे खाई में उतर कर शव को रेल लाइन पर लाया गया। फिर रेल अफसरों से संपर्क कर मालगाड़ी में शव लेकर पुलिस कर्मी भनवारटंक रेलवे स्टेशन पहुंचे।

युवक के शव की तलाशी लेने पर पुलिस ने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद किया, जिसके आधार पर युवक की पहचान मुंगेली के वार्ड क्रमांक 14 सागरप्रसाद घिरे पिता प्रेमकुमार घिरे के रूप में हुई।

 उसके परिजन से पुलिस ने संपर्क किया, तब पता चला कि उसने अपने मोबाइल से परिजनों को आत्महत्या कर अपनी जिंदगी खत्म करने को लेकर मैसेज भेजा था। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार था। ऐसे में युवक के चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद पुलिस ने उसे परिजन को सौंप दिया है।

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