सरायपाली : अंचल में घूमधाम से मनाया गया दशहरा, रावण दहन कर राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह ने दी शुभकामनाएं.
नगर सहित पूरे अंचल में धूमधाम से दशहरा का पर्व मनाया गया। राजमहल का दशहरा उत्सव देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे हुए थे। तीन वर्षों बाद महल में दशहरा उत्सव मनाये जाने से इस वर्ष लोगों में भी दशहरा को लेकर अधिक उत्सुकता थी।
महल की शाही सवारी निकलते समय सड़क के दोनों किनारों पर लोगों का हज लगा हुआ था। बाजे-गाजे, कर्मा, घण्ट पार्टी के साथ शाही सवारी महल से निकली। विजय यात्रा के साथ मशाल लेकर बड़ी संख्या में महिला-पुरूष सामने चल रहे थे।
नगर के मुख्य मार्ग होते हुए विजय यात्रा का काफिला पुरानी मंडी पहुंचा। विजय यात्रा का जगह- जगह स्वागत किया गया। पुरानी मंडी में राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह ने पूजा पाठ कर केले के पौधे को काटने की परंपरा निभाई। इसके बाद रावण दहन किया गया। रावण दहन करने के बाद सिंह ने क्षेत्रवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी।
रावण दहन कर वापसी के समय दुर्गा मंदिर, दुर्गा पंडाल तथा गुरूद्वारा, मस्जिद में पूजा अर्चना करते हुए राज राजपरिवार द्वारा नागरिकों का अभिनंदन स्वीकार किया। पूरे फुलझर अंचल में राजमहल का दशहरा खासा महत्व रखता है। यहां राजपरिवार द्वारा प्रतिवर्ष महल से शाही सवारी निकलती है एवं पुरानी मण्डी में राजा द्वारा रावण दहन किया जाता है।
विगत तीन वर्षों में राजपरिवार द्वारा कोरोना एवं उनके चाचा स्व महेन्द्र बहादुर सिंह के निर्धन होने की वजह से दशहरा का उत्सव नहीं मनाया गया था, इसलिए राजमहल की टीम द्वारा इस वर्ष दशहरा को लेकर विशेष तैयारी की गई थी।
एक सुसज्जित खुले वाहन में राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह, उनके छोटे भाई शिवनी विधायक कुमार योगेन्द्र बहादुर सिंह, छोटे भाई कुमार निलेन्द्र बहादुर सिंह, पुत्र आदित्येन्द्र बहादुर सिंह, वरूणेन्द्र बहादुर सिंह एवं भतीजे यशवेन्द्र बहादुर सिंह सवार थे।
राजमहल का दशहरा उत्सव देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से भी हजारों लोग पैदल व ट्रैक्टर से शहर पहुंचे थे। रावण दहन के बाद वापसी के समय राजपरिवार के सदस्यों ने मंदिरों, दुर्गा पंडालों तथा मस्जिद, गुरूद्वारा में पूजा अर्चना की एवं फुलझर क्षेत्र सहित छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए प्रार्थना किए।
महल मैदान में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हमें भी अपने भीतर के रावण को मारकर इससे सीख लेनी चाहिए।
क्षेत्रीय विधायक किस्मतलाल नंद अपने परिवार के साथ राजमहल पहुंचकर राजा साहब एवं उनके परिजनों को पर्व की बधाई दी।
मंच में मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष अमृत पटेल, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमसागर पटेल, टिकेश्वर पटेल, घुरठ नायक, विजय साहू, रविशंकर नायक की आहूजा आदि उपस्थित
इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए रातभर दर्शक जुटे रहे। नगर में पुलिस की भी चाक-चैबंद व्यवस्था रही।