सरायपाली : खून से‌ सड़क हुआ लहूलुहान, तेज रफ़्तार ट्रक के चपे... - CG Sandesh

सरायपाली : खून से‌ सड़क हुआ लहूलुहान, तेज रफ़्तार ट्रक के चपेट में आये 3 मवेशी की मौत, 2 मवेशी घायल

सरायपाली क्षेत्र में बीती रात घंटेश्वरी के पास सड़क पर विचरण कर रहे मवेशियों को एक ट्रक‌ ने कुचल दिया जिससे मौके पर 3 मवेशियों की मौत हो गयी‌ तथा 2 मवेशी घायल हो गये। खून से‌ सड़क लहूलुहान हो गया। इतने बड़े तादात पर मवेशियों के कुचले जाने से कई तरह की लापरवाही सामने उजागर हो रही है। आखिरकार इन मवेशियों को हटाने की जिम्मेदारी किसकी है। बरसात होते ही सड़क पर मवेशियों की संख्या क्यों‌ बढ़ जाती है। आखिरकार ये आवारा मवेशी हैं या पशुपालक जानबूझकर मवेशियों को छोड़ देते हैं। इन सारे प्रश्नों की जबाबदेही तय नहीं होने से मवेशियों की जान इसी तरह चली जाती है।

महासमुंद जिला के सरायपाली नगर व ग्रामीण क्षेत्रो में खुले में घूमने वाले पशुओं से फसलों को सुरक्षित रखने के लिए रोका छेका की परंपरा का प्रचलन का पालन करने के लिए जिले के कलेक्टर ने पत्र जारी किया है।

साथ ही शहर व ग्रामीणी क्षेत्र में अधिकाश पंचायतों में गौठान निर्माण किया गया है,लेकिन गौठान में मवेशी नहीं होतें है, जिस उद्देश्य से गौठानो का निर्माण किया गया है, उसका परिपालन नहीं किया जा रहा है| शहरों के आसपास भी फसलों, बाड़ियों, उद्यानों आदि की सुरक्षा के लिए नगर पालिका क्षेत्र में भी रोका छेका अभियान को लागू किया गया है।

नगर पालिका क्षेत्रों को आवारा पशु मुक्त, साफ-सुथरा व स्वच्छ रखने के साथ-साथ दुर्घटनामुक्त रखने के लिए एक जुलाई से जिले भर में संकल्प अभियान चलाया गया है। मवेशियों को रोकने-छेकने का अभियान वृहद रूप में चलाया तो जाता है, लेकिन मवेशियों का राज पूरे साल सड़कों पर देखा जा सकता है। शहर के बाहरी व अंदरूनी सभी रास्तों पर मवेशी बैठ रहे हैं। खासकर सड़क के बीचों-बीच मवेशियों के होने से लगातार हादसे हो रहे है। लोग घायल हो रहे हैं। वहीं, यातायात भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी वही समस्या बनी हुई है, जिससे किसान अपने फसल बचाने के लिए दिन रात रखवाली करने को मजबूर है|

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