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जिले के इस हॉस्पिटल में चूहों को मारने का दिया टेंडर, मरीज का ग्लूकोज चट कर रहे चूहे

क्या आपने कभी सुना है कि चूहों को मारने के लिए टेंडर निकाला गया हो. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना छत्तीसगढ़ के बस्तर में चूहों के बढ़ते आतंक को देखते हुए इन्हें खत्म करने के लिए टेंडर निकाला गया है.

 खुद बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार ने इसकी पुष्टि की है. दरअसल जगदलपुर मेडिकल कॉलेज  सह डिमरापाल अस्पताल  में स्टाफ से ज्यादा संख्या में चूहे हैं, जो मरीजों को चढ़ाई जाने वाली ग्लूकोस की बोतल चट कर जा रहे हैं. एक मरीज ने बकायदा इसका वीडियो भी बनाया है.

निजी कंपनी को दिया टेंडर
करीब 700 करोड़ रुपए की लागत से बने मेडिकल कॉलेज सह डिमरापाल अस्पताल में चूहों का आंतक प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. हालांकि अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर टीकू सिन्हा ने बढ़ते चूहों के आतंक को रोकने के लिए एक निजी कंपनी को इसका टेंडर भी दिया है और अब तक 1000 से ज्यादा चूहे मारने का दावा किया है.

चूहे मचा रहे आतंक
बस्तर संभाग के एकमात्र सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज और अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर यहां के मरीज पहले ही स्वास्थ्य मंत्री तक शिकायत कर चुके हैं और अब यहां भर्ती मरीज और उनके परिजन चूहों के आंतक से परेशान हैं. आलम यह है कि चूहों ने स्टोर रूम के साथ साथ महिला पुरुष यहां तक कि बच्चों के वार्ड में भी आतंक मचाना शुरू कर दिया है. चूहे बकायदा मरीज को चढ़ाए जाने वाले ग्लूकोज बोतल को भी चट कर देते हैं.

ग्लूकोस पीते वीडियो वायरल
मेल वार्ड में एक मरीज ने चूहों के इस आतंक का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया. इस वीडियो में एक मरीज बिस्तर पर लेटा हुआ है और उसे ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है तभी ग्लूकोज बोतल के स्टैंड से एक चूहा नीचे उतरता है और मरीज के नस में लगी पाइप को दांतो से कुतर देता है और इसी बीच एक और चूहा नीचे उतरकर उस पाइप से बहने वाले ग्लूकोस को पीने लगता है. 

यह वीडियो दूसरे बिस्तर पर लेटे मरीज ने बनाया. मरीजों का कहना है कि दिन हो या रात वार्डों में चूहे उन्हें सोने नहीं देते हैं. कई मरीजों को तो इन चूहों ने काट भी लिया है.

अधीक्षक ने क्या कहा?
इधर जब मरीज को ग्लूकोस चढ़ाया जा रहा था तो वहां किसी भी मेडिकल स्टाफ के मौजूद न होने के सवाल पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. टीकू सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में अभी लगभग 130 ही स्टाफ नर्स हैं जिससे सुविधाओ को दुरुस्त करने में कुछ समस्याएं आ रही है, लेकिन जल्द ही और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी है जिससे सारी व्यवस्था सुधार ली जाएगी.

कलेक्टर ने दी ये जानकारी

वहीं इस लापरवाही को लेकर बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि अस्पताल में चूहों की समस्या बढ़ी है. फिलहाल उसके समाधान पर काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि चूहों की सफाई के लिए एक निजी कंपनी को इसका टेंडर भी दिया गया है और इस कंपनी द्वारा एक हजार से ज्यादा चूहे मारने की जानकारी मिली है, साथ ही अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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