आपसी विवाद में दूसरी पत्नी की हत्या, आरोपी को उम्रकैद की सजा
प्रकरण में अभियुक्त द्वारा मृतिका केकतीबाई से दूसरा विवाह किया गया था तथा उसे संरोधी के ईटा भट्टा झोपड़ी में रखा था। घटना के 20-30 दिन पूर्व अभियुक्त द्वारा मृतिका को मायके जाने के नाम पर पैर को टंगिया से काट देने की धमकी दी गई थी तथा मायके नहीं जाने दिया गया था। घटना दिनांक को रात में विवाद होने पर अभियुक्त द्वारा मृतिका का गला घोटकर हत्या कर दी गई थी तथा शव को झोपड़ी के पास जमीन में गड़ाकर साक्ष्य का विलोपन किया गया था। साक्ष्य के आधार पर परिस्थिजन्य साक्ष्य की श्रृखंला पूर्ण पाये जाने पर अभियुक्त को दोषी पाया गया। परिस्थिजन्य साक्ष्य के श्रृखंला में घटना दिनांक को अभियुक्त और मृतिका के मध्य लड़ाई झगड़ा होना, झगड़े के तुरन्त बाद अभियुक्त द्वारा मृतिका का गला स्कार्फ से घोटना, दूसरे दिन स्वतः थाने पहुचकर घटना की स्वेच्छिक सूचना देना, घटना स्थल की पहचान करना, अभियुक्त के बताए स्थल से मृतिका का शव प्राप्त होना तथा अभियुक्त द्वारा घटना दिनांक के 20-30 दिन पूर्व मृतिका को मायके जाने पर टंगिया से काट देने की धमकी देना और मायके न जाने देना शामिल थे। एट्रोसिटी अधिनियम की धाराओं से अभियुक्त को दोषमुक्त किया गया, क्योंकि उक्त अधिनियम के अपराध प्रमाणित नहीं पाए गए।