रासायनिक उर्वरकों की अफरातफरी पर निगरानी के लिए नियंत्रण कक्... - CG Sandesh

रासायनिक उर्वरकों की अफरातफरी पर निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित

रासायनिक उर्वरकों की अफरातफरी, कालाबाजारी, उर्वरक भंडारण केन्द्रों में उर्वरकों की गतिविधियांे पर निगरानी, पॉश मशीन के माध्यम से शासन द्वार निर्धारित दर पर ही उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय और विकासखण्ड स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का नोडल अधिकारी अनुविभागीय कृषि अधिकारी तरुण कुमार प्रधान +91-94063-57441 को नोडल अधिकारी और बीआर प्रसाद +91-94252-62714 को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।

जगदलपुर विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अजय कुमार मिरी +91-75874-26135 को नोडल अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी दुर्गावती दुधी +91-94062-29630 को सहायक नोडल अधिकारी, बस्तर विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सीएल मंडावी +91-93021-18402 को नोडल अधिकारी तथा कृषि विकास अधिकारी आरएस तोमर +91-94242-84491 को सहायक नोडल अधिकारी, बकावंड विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी थलेश पानीग्राही +91-79875-30414 को नोडल अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी शीतू नाग +91-76929-91501 को सहायक नोडल अधिकारी, लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आईएल पाटकर +91-94077-98507 को नोडल अधिकारी तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवेश पाण्डे +91-94077-08123 को सहायक नोडल अधिकारी, तोकापाल विकासखण्ड के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एके बोस +91-70004-76166 को नोडल अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी प्रकाश खलखो +91-70678-45469 को सहायक नोडल अधिकारी, बास्तानार विकासखण्ड के लिए प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जेएस शार्दुल +91-70009-14987 को नोडल अधिकारी तथा कृषि विकास अधिकारी मनोज सिंह +91-99933-28635 को सहायक नोडल अधिकारी और दरभा विकासखण्ड के लिए प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामनाथ मौर्य +91-94060-77238 को नोडल अधिकारी व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी निशांत मिश्रा +91-94062-93820 को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें