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छत्तीसगढ़ में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक, 11 साल की बच्ची सहित दो लोगों की गई जान

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर हाथियों ने सोमवार सुबह 11 साल की बच्ची सहित 2 लोगों की जान ले ली। बच्ची अपने पिता के साथ महुआ बीनने के लिए जंगल में गई थी। कुछ देर बाद उसे एग्जाम देने के लिए स्कूल जाना था। वहीं एक महिला को भी हाथियों ने मार दिया। तीन दिनों में हाथियों के हमले में 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वही जंगल की सुरक्षा करने वाला वनकर्मी अपनी 12 सूत्रीय मांगो को लेकर 22 दिन से हडताल पर बैठे हुए है। ऐसे मे जंगल और लोगो की सुुरक्षा अब भगवान भरोसे है।

 दरअसल इन दिनो गजराज का आंतक सीतानदी टाईगर रिर्जव और नगरी वन मंडल के गाँवो मे मौत का ताडंव मचा रहे है। रोजाना गजराज के हमले से एक दो लोगो की जान जा रही है। नगरी वन परिक्षेत्र के तुमबाहरा में स्थानीय निवासी शेख साहू अपनी 11 साल की बेटी सिमरन के साथ जंगल में महुआ बीनने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक से हाथी आ गया। हाथी को देख दोनों वहां से भागने लगे। इसी दौरान सिमरन को ठोकर लगी और वह गिर गई। तभी हाथियों ने हमला कर दिया। इसमें बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। सिमरन 5 वीं कक्षा में पढ़ती थी।

वहीं दूसरी घटना नगरी वनपरिक्षेत्र के ही चारगांव के जंगल में हुई। यहां संबलपुर निवासी एक महिला लकड़ी बीनने के लिए गई थी। इसी दौरान हाथियों ने उस पर हमला कर दिया। महिला जान बचाकर भागी। लेकिन तब तक हाथी ने उसे सूंड़ से उठाकर पटक दिया। अभी तक महिला का नाम नहीं पता चल सका है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच रही है।

बता दे कि हाथियों ने एक दिन पहले ही तीन लोगों की जान ली थी। इसमें 22 साल की युवती, महिला और पुरूष शामिल हैं। हाथी ने महिला को सूंड़ से उठाकर पटक दिया था। वह अन्य महिलाओं के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। वहीं युवती का शव उसकी झोपड़ी के बाहर मिला था। जांच के दौरान वनकर्मियों को घटना स्थन से करीब 200 मीटर दूर पांवद्वार डैम के पास एक और ग्रामीण का भी शव मिला था। इधर हाथी के हमले से हो रही मौतो को लेकर वन विभाग भी सकते मे है। कलेक्टर पी एस एल्मा का मानना है कि हाथियो के हमले पर कंट्रोल नहीं हो रहा है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। और गाँवो मे मुुनादी करारकर लोगो को जंगल मे नहीं जाने की अपील कर रहे है।

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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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