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तपती दोपहरी में नंगे पैर बच्चों को जाना पड रहा स्कूल, मदद के लिए बढ़ाए हाथ

तपती दोपहरी में नंगे पैर स्कूल जा रहे बच्चों की फोटो प्रकाशित होने के बाद समाज के अनेक संगठनाें ने ऐसे बच्चों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। रिटायर्ड आईपीएस आरके विज ने इस फोटो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए धमतरी जिले के अरसीकन्हार प्राथमिक स्कूल के ऐसे सभी बच्चों को एक एक जोड़ी चप्पल देने की घोषणा की है।

संभवत: साेमवार को वे सारे बच्चों के लिए चप्पल लेकर खुद जाएंगे। उनके बाद आईएएस अफसर अवनीश शरण ने भी इस मामले में मदद करने की इच्छा जताई है। मदद के लिए हाथ बढ़ाने वालों ने री ट्वीट करके अपनी ओर से मदद की बात कही है। कई लोगों ने धमतरी जिला प्रशासन से भी बात कर अपनी ओर से मदद करने की इच्छा जताई है।

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बच्चों को जूते देने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ में फिलहाल ऐसी व्यवस्था नहीं है। इस कारण कई संगठन मदद के लिए सामने आ रहे हैं। चरणपादुका की टीम भी सोमवार को स्कूल पहुंच कर बच्चों को जूते देने वाली है।

अभी छात्रों को दिए जाते हैं यूनिफार्म, जूते बांटने का प्रावधान नहीं
छत्तीसगढ़ में छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क यूनिफार्म दिए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में जूते बांटने की योजना नहीं है। भविष्य में ऐसी कोई व्यवस्था होगी या नहीं, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। बता दें 2016 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने स्कूली बच्चों को जूते देने का ऐलान किया था लेकिन अमल नहीं हो पाया।

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