पीछे हटने के वादे से मुकरा रूस, हमले किए तेज  - CG Sandesh

पीछे हटने के वादे से मुकरा रूस, हमले किए तेज

 रूस की सेना ने कीव और एक अन्य शहर में अपने अभियान में कमी करने का वादा करने के महज कुछ घंटों बाद इन शहरों के आसपास के इलाकों में बमबारी की। यूक्रेन के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। देश के अन्य हिस्सों पर रूस के बढ़ते हमलों के बाद, युद्ध को खत्म करने के मकसद से वार्ता में कोई प्रगति होने की उम्मीद खत्म हो गयी है। रूसी सेना ने मंगलवार को ऐलान किया था कि वह ‘‘आगे बातचीत के अनुकूल परिस्थितियां पैदा करने और आपसी विश्वास पैदा करने’’ के लिए राजधानी कीव और उत्तरी शहर चेर्नीहीव के समीप अपने अभियान में कमी करेगी। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और पश्चिमी देशों ने इस पर गहरा संदेह व्यक्त किया था।

इसके कुछ देर बाद ही यूक्रेन के अधिकारियों के चेर्नीहीव और कीव में तथा उसके आसपास घरों, दुकानों, पुस्तकालयों और अन्य असैन्य स्थलों पर बमबारी की खबर दी। रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन में डोनबास क्षेत्र और लिजियम शहर के आसपास अपने हमले तेज कर दिए। यह शहर डोनबास की ओर जाने वाला अहम रास्ता है। चेर्नीहीव शहर परिषद के सचिव ओलेक्जेंडर लोमाको ने कहा कि रूस की घोषणा ‘‘पूरी तरह झूठी’’ साबित हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘रात को उन्होंने सैन्य अभियान कम नहीं बल्कि तेज कर दिया।’’

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यूक्रेन छोड़कर जाने वाले नागरिकों की संख्या 40 लाख पर पहुंच गयी है, जिनमें से करीब आधी आबादी बच्चों की है। रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने कहा कि सेना ने मध्य यूक्रेन के दो शहरों में ईंधन डिपो को लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया। रूसी सेना ने दक्षिण माइकोलेव क्षेत्र में यूक्रेन के विशेष बलों के मुख्यालय और दोनेत्स्क क्षेत्र में गोलाबारुद के दो डिपो को भी निशाना बनाया। दक्षिणी यूक्रेन में क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि रूस की मिसाइल ने देश के चौथे सबसे बड़े शहर दिनिप्रो में ईंधन के एक डिपो को नष्ट कर दिया।

इस बीच, बुधवार को तड़के विद्रोहियों के कब्जे वाले दोनेत्स्क शहर में एक अपार्टमेंट पर मिसाइल हमला किया गया और दो लोगों के मारे जाने की खबर है। अलगाववादियों ने यूक्रेन की सेना को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें