तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 11 दुकानों पर हुई चाला... - CG Sandesh

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 11 दुकानों पर हुई चालानी कार्रवाई

सुकमा: राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत शहर को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए जिला मुख्यालय में चालानी कार्यवाही की गयी। इस दौरान जिला प्रवर्तन दल द्वारा बस स्टेशनों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज की परिधि में तम्बाकू उत्पाद बेंचने पर सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003, (कोटपा) अंतर्गत कार्रवाई की गई।

इस सम्बन्ध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सी.बी.पी. बंसोड़ ने बताया, "जिले के शहरी क्षेत्रों को तंबाकू-मुक्त क्षेत्र बनाये जाने के तहत यह चालानी कार्रवाई की गई है । सुकमा के बस स्टेशनों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज की परिधि पर स्थित दुकानों में कोटपा के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर कोटपा की धारा 4 एवं 6 अंतर्गत कुल 11 दुकानों पर चालान किये गए एवं 1,450 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही दुकानदारों को प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए गठित कानून के बारे में भी जानकारी दी गई । इस कार्यवाही का उद्देश्य कोटपा की धाराओं को शहरी क्षेत्रों में लागू करना है। कार्रवाई के दौरान पान स्टाल पर धूम्रपान किया जा रहा था एवं बिना चेतावनी चिन्ह के तम्बाकू पदार्थों को बेचा जा रहा था। इस संबंध में दुकान के मालिक सहित वहां पर आए लोगों को भी कोटपा के बारे में जागरूक कराया गया। उक्त चालानी कार्यवाही सुनील पाण्डा(ड्रग इंस्पेक्टर), पंकज नाग (खाद्य एवं औषधि विभाग), डॉ.अभिषेक झा (एनटीसीपी नोडल ऑफिसर) के नेतृत्व में किया गया। "

कोटपा क्या है
सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियम) अधिनियम, 2003, को कोटपाके नाम से भी जाना जाता है ।

क्या है कोटपा की धारा
धारा 4
    1.   सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान अपराध है।
    2.   सार्वजनिक स्थानों के प्रभारी /मालिक हर प्रवेश द्वार एवं हर मंजिल से सुस्पष्ट स्थान पर एक काले धुएं के साथ सिगरेट अथवा बीड़ी के चित्र को काटती हुए प्रदर्शित होगी ।
    3.   बोर्ड के नीचे प्रभारी/मालिक (जिसके पास उल्लंघन की शिकायत की जानी है) का नाम व फोन नंबर लिखा हो, यदि सार्वजनिक प्रभारी/मालिक उल्लंघन करने पर कार्रवाई नहीं करता है, तो उस पर व्यक्तिगत अपराधों की संख्या के समतुल्य जुर्माना लगाया जाएगा ।
    4.   सार्वजनिक स्थानों पर (स्मोकिंग एड) सिगरेट, लाइटर एवं बीड़ी सिगरेट जलाने के लिए उपकरण (माचिस) उपलब्ध नहीं करवाये जायेंगे।
    5.   केवल 30 कमरों से ज्यादा वाले होटल, 30 व्यक्तियों से ज्यादा बैठने की क्षमता वाले भोजनालय एवं एयरपोर्ट में अलग स्मोकिंग जोन बनाया जा सकता है, लेकिन वह केवल कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही बनाया जा सकता है ।
उक्त नियमों के उल्लंघन पर ₹200 तक का जुर्माना किया जा सकता है ।

धारा 5
    1.   तंबाकू पदार्थों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं।
    2.   तंबाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर काले अक्षरों में सफेद पृष्ठभूमि का बोर्ड लगा सकते हैं जिस पर "तंबाकू से कैंसर होता है’’ लिखा होना चाहिए।
    3.   तंबाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर लगे बोर्ड चमकदार (बिजली युक्त) नहीं होना चाहिए।
    4.   टेलीविजन व फिल्मों में तंबाकू के दृश्यों को दिखाना अपराध है।
धारा 6
    1.   18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगोंको तम्बाकू पदार्थ बेचना अपराध है।
    2.   18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों के द्वारा तम्बाकू पदार्थ बेचना अपराध है।
    3.   नाबालिगों को तंबाकू-पदार्थ बिक्री स्थान पर दिखाई नहीं देना चाहिए।
    4.   बिक्री के स्थान पर एक 60*30 का बोर्ड लगाना आवश्यक है ।
    5.   शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है ।

उक्त नियमों के उल्लंघन पर एक से पांच 5वर्ष की कैद या/और ₹1,000 से ₹5,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है|

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