धोखे से भाईयों ने हड़पी बहन की पैतृक संपत्ति
दुर्ग जिले में आम लोगों की मांगों और समस्याओं के त्वरित निराकरण का कार्य लगातार किया जा रहा है। जनदर्शन के अंतर्गत आज भी 52 आवेदन कलेक्टर के समक्ष् प्रस्तुत हुए थे। इन आवेदनों में एक आवेदक ने पैतृक संपत्ति में अपने अधिकार के लिए आवेदन लगाया था। आवेदक ग्राम गाड़डीह की मूल निवासी है। जिसने बताया कि उसके पिताजी ने दो विवाह किया है, जिसमें वह उनके प्रथम पत्नी की पुत्री है। पैतृक संपत्ति में 10 एकड़ जमीन आवेदक की शादी के पश्चात् उसे विवश कर सहमति ली गई और दूसरी पत्नी के तीनों लड़कों के नाम दर्ज कर दिया।
एक एकड़ 65 डिसमिल जमीन आवेदक के नाम थी। जो कि 2017 में पिता के निधन के पश्चात् उसे गुमराह कर हड़प ली गई। न्यायलय के अनुसार बेटियों का हक भी पैतृक संपत्ति में होता है परंतु सौतेले भाईयों ने आवेदक को उनके इस अधिकार से वंचित कर रखा है। इसलिए आवेदक ने कलेक्टर के समक्ष् विवादित जमीन पर स्थगन लगाने की गुहार लगाई है। इस पर कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आवेदन प्रेषित किया।