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राजनांदगांव के इस परिवार ने करोड़ो की संपत्ति कर दी दान,सभी ने ली जैन साधु-साध्वी की दीक्षा

राजनांदगांव / शहर में 27 जनवरी गुरुवार का दिन जैन समाज के लिए ऐतिहासिक महत्व और खुशियों वाला रहा. डाकलिया परिवार ने 30 करोड़ की संपत्ति दान कर दुनिया की मोह माया त्याग दिया. डाकलिया परिवार के माता-पिता ने दो बेटों और दो बेटियों समेत विधिवत जैन साधु-साध्वी की दीक्षा ले ली.

शहर के स्थानीय जैन बगीचा में श्री जिनपीयूष सागर सूरीश्वरजी की मौजूदगी में दीक्षा कार्यक्रम संपन्न हुआ. पहली बार एक ही परिवार के सभी छह सदस्यों संग अन्य दो लोगों ने जैन साधु-साध्वी की दीक्षा ग्रहण की. अब ये सभी मुनि साधु-साध्वी के रूप में जैन धर्म की अलख जगाएंगे.

डाकलिया परिवार ने करोड़ों की संपत्ति दान कर त्यागा मोह

मुमुक्षु भूपेंद्र डाकलिया, पत्नी मुमुक्षु सपना डाकलिया, बेटे मुमुक्षु देवेंद्र और मुमुक्षु हर्षित डाकलिया, दोनों बेटियां मुमुक्षु महिमा और मुमुक्षु मुक्ता डाकलिया, कोंडागांव की मुमुक्षु संगीता गोलछा, राजनांदगांव की मुमुक्षु सुशीला लूनिया ने दीक्षा ग्रहण की. इस मौके पर जिले भर से जैन समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. डाकलिया परिवार के सभी सदस्यों का बिनोली के बाद विधिवत रूप में दीक्षा संस्कारोपित प्रकिया हुई.

सभी ने आचार्य पीयुष सागर जी महाराज के सानिध्य में जैन साधु-साध्वी की दीक्षा ग्रहण की. दीक्षा समारोह के लिए जैन समाज की तरफ से तैयारियां की गई थीं. दीक्षा समारोह के आयोजन में देश प्रदेश सहित जिले भर से श्रद्धालु पहुंचे थे. दीक्षा लेने से पहले डाकलिया परिवार ने पूरी संपत्ति को दान कर दिया और पूरे विधि विधान से दीक्षांत की प्रक्रिया पूरी की.

परिवार हमेशा के लिए जैन मुनि वेशभूषा धारण कर संयम के मार्ग पर चल पड़ा. परिवार के मुखिया भूपेंद्र डाकलिया का कहना है कि दीक्षा लेने के लिए उन्हें प्रेरणा परम पूज्य आचार्य भगवन श्री पीयूषसागर महाराज जी से मिली. हम उनके संपर्क में रहे और चरणों में रहने से धीरे-धीरे बोध होता गया. इसलिए अपनी आत्मा को गुरु चरणों में समर्पित कर दिया.

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