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80 हजार रुपए दिए थे उधार में, वापस नहीं करने पर किया महिला का अपरहण, 5 गिरफ्तार

भिलाई.  25  दिसंबर  2021 को रात्रि करीब 08:30 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई बाजार में कार्यरत एक नर्स को अज्ञात स्कार्पियो सवार अपहरणकर्ताओं द्वारा अपहरण किए जाने के मामले में पुलिस ने खुलाशा कर लिया है.

घटना की सुचना मिलते ही पुलिस ने अपहृत महिला एवं अपहरणकर्ताओं के भागने के सभी रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, पुलिस के बढ़ते दबाव एवम सभी दिशाओं में की गई नाकेबंदी के कारण अज्ञात अपहरणकर्ताओं द्वारा अपहृत महिला को ग्राम रतीजा के आगे जंगल में छोड़कर फरार हो गए थे. जिसे पुलिस टीम द्वारा बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था.

आपको बता दें कि अपहृत महिला के बरामद हो जाने से पुलिस टीम को तत्कालिक सफलता मिल गई थी किंतु अज्ञात आरोपीगण के गिरफ्तारी एवं अपहरण के कारण का पता लगाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी द्वारा पुलिस अधीक्षक कोरबा को निर्देश दिए गए थे.

मामले में पूछताछ के दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताया था कि अज्ञात अपहरणकर्ताओं द्वारा जिस स्कॉर्पियो वाहन में अपहरण किया था वह CG-12 पासिंग की थी,  जिस आधार पर CG-12 पासिंग के सफेद रंग के स्कॉर्पियो के पंजीकृत स्वामियों का जानकारी परिवहन कार्यालय कोरबा से प्राप्त किया गया सभी वाहनों के बारे में पता किया गया.

मामल के प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि घटना को महिला के किसी करीबी व्यक्ति के द्वारा ही किया गया है,  इस आधार पर घटनास्थल के आसपास के इलाके में चलने वाले स्कॉर्पियो वाहन को पहले टारगेट में किया गया,  परिवहन कार्यालय से जानकारी प्राप्त हुआ कि कुसमुंडा, गेवरा, हरदी बाजार, दीपका इलाके में CG 12 पासिंग की कुल 21 स्कार्पियो वाहन चल रही हैं. इस आधार पर सभी 21 स्कॉर्पियो वाहन के बारे में गोपनीय तौर पर जानकारी एकत्रित किया गया कि घटना दिनांक को वाहन कहां-कहां पर चल रहे थे पतातसाजी के दौरान जानकारी प्राप्त हुआ कि स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी-12-AW-4542 जो संदीप कुमार मानिकपुरी के नाम पर पंजीकृत है जिसे वाहन चालक अरविंद प्रताप कोर्राम घटना दिनांक को चला रहा था.

इसके बाद पुलिस ने अरविंद प्रताप कोर्राम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि संजीव कुमार गोंड़ नामक व्यक्ति घटना दिनांक को 3 हजार रुपए में वाहन को बुक किया था, पुलिस द्वारा अरविंद प्रताप सिंह से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरे घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

अरविंद प्रताप सिंह से मिली जानकारी के आधार पर संजीव कुमार गोंड़ पिता नारायण सिंह गोंड़ निवासी ग्राम चोढा चौकी हरदीबाजार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई जिसने बताया कि आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर पिता शत्रुघ्न राठौर निवासी भठोरा चौकी हरदी बाजार का मामले का मास्टर माइंड है जिसने संजीव कुमार गोंड को महिला के अपहरण हेतु 3 लाख रुपए में सुपारी दिया था.

घटना के कुछ दिन पूर्व आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर संजीव कुमार गोंड़ शत्रुघ्न सिंह गोंड,  गोवा राज एवं सुनील सिंह आपस में मिलकर महिला के अपहरण के बारे में योजना बनाए.

आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर पूर्व में अपहृत महिला को 80 हजार रुपए उधार में दिया था जिसे महिला वापस नहीं कर रही थी, साथ ही महिला को मुआवजा में बड़ी रकम मिली थी जिससे लालच में आकर आरोपी सुरेंद्र राठौर ने अपहरण की योजना बनाई.

मामले में गिरफ्तार आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर महिला से पूर्व परिचित एवं उसके परिवार का करीबी है, जिसे मालूम था कि महिला को एसईसीएल से मुआवजे में बड़ी रकम मिली है.

आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर की योजना थी कि महिला को अपहरण कर उससे 2 करोड़ रुपए फिरौती की मांग की जाए, क्योंकि महिला के पति की मौत हो चुकी है और महिला अकेले रहती है इसलिए आसानी से उसे रकम हासिल किया जा सकता है. सुरेंद्र राठौर ने योजना बनाया की संजीव कुमार गोंड़ अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो में लेकर महिला को जंगल की ओर चले जाएगा बाद में सुरेंद्र कुमार राठौर महिला को खोजते खोजते घटनास्थल की ओर पहुंचेगा और महिला और अपहरणकर्ताओं के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा का रकम देने हेतु तैयार करेगा.

इस तरह से दिया घटना को अंजाम

घटना दिनाक को महिला को पीछा करते हुए आरोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाईबाजार तक पहुंचे और जैसे ही महिला अस्पताल के पास पहुंची आरोपी संजीव कुमार गोंड़ और शत्रुघ्न गोंड नीचे उतरे और महिला को जबरन उठाकर वाहन में भर लिया और फरार हो गए. अपहृत महिला को आरोपी गण संजीव कुमार गोंड़ शत्रुघ्न गोंड, अरविंद प्रताप सिंह गोवा राज और सुनील सिंह स्कॉर्पियो वाहन में लेकर रतीजा के आगे और बोइदा के बीच के जंगलों में अलग-अलग लोकेशन पर रातभर घुमाते रहे और सुरेंद्र कुमार राठौर के अगले आदेश का इंतजार करते रहे.

वहीं मुख्य आरोपी सुरेंद्र राठौर अपहृत महिला एवं परिवार की सहानुभूति प्राप्त करने हेतु अपने एक अन्य साथी मुकेश यादव नामक व्यक्ति के साथ रात में ही कड़कड़ाती ठंड में बुलेट मोटरसाइकिल से आरोपी को खोजने हेतु निकला और अलग-अलग स्थानों पर रातभर खोजने का नाटक करता रहा.

इधर घटना की सूचना मिलते ही कोरबा पुलिस द्वारा आरोपीगण के भागने के संभावित रास्तों पर कड़ी नाकेबंदी कर दी गई थी और लगातार वाहनों की चेकिंग की जा रही थी जिसकी सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से हो गई थी अपहरणकर्ता जंगल में अलग-अलग दिशाओं में घूम रहे थे अपहरणकर्ताओं ने सुरेंद्र राठौर को फोन कर बताया कि चारों तरफ पुलिस की नाकेबंदी है पकड़े जाने का खतरा है हम लोग महिला को लेकर बाहर नहीं नहीं जा सकते, पकड़े जाने से भयभीत होकर महिला को बोइदा के पास जंगल में छोड़ कर भाग गए.

इसके बाद इसके बाद आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर महिला को खोजते हुए बोइदा जंगल में ओर पहुंचा और अपने बुलेट में बैठा कर वापस लेकर आया.

महिला को पुलिस के पास न ले जाकर कर सीधे खरमोरा हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने घर पर ले गया और अपहरणकर्ताओं द्वारा जंगल में छोड़े जाने और सुरेंद्र कुमार राठौर के द्वारा महिला को जंगल से घर तक लाने की बात को पुलिस को न बताने हेतु समझाया.

पुलिस ने मामले में आरोपीगण द्वारा घटना में उपयोग किए गए स्कार्पियो वाहन सीजी-12 AW 4542 को बरामद कर जप्त कर लिया गया है. मामले में मुख्य साजिशकर्ता आरोपी सुरेंद्र कुमार राठौर ,अरविंद प्रताप सिंह, शत्रुघ्न सिंह ,संजीव कुमार, गोवा राज को गिरफ्तार कर लिया गया है जिन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है. 01 आरोपी सुनील कुमार सिंह फरार है.

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