सरायपाली : ग्रामीणों ने बनाया बैनर लिखा “यहाँ गोठान बनने पर ... - CG Sandesh

सरायपाली : ग्रामीणों ने बनाया बैनर लिखा “यहाँ गोठान बनने पर हम आत्महत्या कर लेंगे”.. पढ़िए क्या है पूरा मामला.

गांव-गांव में गोठान निर्माण के लिए राज्य सरकार सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों से शासकीय जमीन और जमीनो को कब्जे से मुक्त करा कर गोठान के लिए प्रस्ताव किया जा रहा है. लेकिन सरायपाली के एक गाँव के सरपंच पर फर्जी प्रस्ताव बनाने का आरोप लग रहा है. जिसके बाद ग्रामीण बैनर के माध्यम से ”यहाँ गोठान बनने पर हम आत्महत्या कर लेंगे” कहकर लिखते हुए दिखाई दे रहे हैं.

मामला सरायपाली ब्लाक के ग्राम पंचायत कनकेबा-प्रेतनडीह का है, कनकेबा में भूमिहीन ग्रामीणों से जमीनो का कब्जा मुक्त कराकर यहाँ गौठान बनाया जा रहा है. प्रार्थी का कहना है कि भूमिहीन गरीब लोगों के पास जिनके पास थोड़ा बहुत कब्जे का जमीन था, जिनमे वे थोड़ा बहुत खेती किसानी करते है उन जमीनो में ग्राम पंचायत कनकेबा और समीपस्थ ग्राम पंचायत प्रेतनडीह में गोठान का निर्माण किया जा रहा है.

ग्रामीणों ने बताया कि दोनों जगह गांव के मुख्य बस्ती से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर में निर्माण किया जा रहा है इसके कारण आश्रीत ग्राम के पशु गोठान के लाभ से वांछित हो जाएंगे.

प्रेतनडीह के सरपंच और तत्कालीन सचिव रूखमण साव के ऊपर गोठान के लिए अभी वर्तमान में चयनित जमीन पर जालसाजी और फर्जी प्रस्ताव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम, जनपद सीईओ, और तहसीलदार से की है. और जांच कर कार्यवाही की मांग की है.

ग्रामीणों ने एक फोटो खिंचवाया है जिसमे लिखा है कि “यहाँ गोठान बनने पर आत्महत्या करेंगे”. और इसके माध्यम से विरोध किया है.

ग्रामीणों का आरोप है की प्रेतनडीह में गोठान निर्माण के लिए ग्राम पंचायत प्रेतनडीह में खसरा नम्बर 796 को गोठान निर्माण के लिए सुरक्षित रखा गया है. ग्रामीणों के अनुसार खसरा नम्बर 796 वर्तमान पंचायत द्वारा प्रस्तावित भी किया जा गया है उक्त भूमि गांव के समीप होने के कारण ग्रामीणों का सुविधाजनक भी हो रहा है. लेकिन प्रेतनडीह के सरपंच और तत्कालीन सचिव रूखमण साव द्वारा गोठान के लिए प्रस्तावित जमीन 796 के जगह गांव से 8 किलोमीटर ग्राम कोटेनदरहा के सीमा के पास गोठान के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा है जो आश्रीत ग्राम बगइजोर के ग्रामीणों को बहुत दूर पड़ेगा.

आश्रीत ग्राम के पशुओं को गोठान तक ले जाना संभव नही है ग्रामीणों ने खसरा नम्बर 796 पर ही गोठान निर्माण किए जाने की मांग की है.

बता दें कि प्रेतनडीह के खसरा नम्बर 3 में कैलाश बारीक नाम का आदमी जो गरीब और भूमिहीन परिवार से है उनके पूर्वजों से खेती किसानी करते आ रहे है. उस जमीन पर सरपंच सचिव द्वारा फर्जी प्रस्ताव बनाने का आरोप लगाया गया साथ ही साथ कहा की खसरा नम्बर 796 जो कि गोठान के किए प्रस्तावित है उसमे गांव के रईस व्यक्तियों का कब्जा है इसलिए सरपंच सचिव द्वारा पैसा लेकर गोठान निर्माण की जगह बदल दिया गया है.

यही हाल ग्राम पंचायत कनकेबा का है यहां भी आश्रीत ग्राम कौहाकुंडा और गांव के मुख्य बस्ती से ग्राम से 8 से 10 किलोमीटर में गोठान का निर्माण किया जा रहा है यहां भी भूमिहीन लोगो से जमीनों को मुक्त कराकर गोठान का निर्माण किया जा रहा है दूरी अधिक होने के कारण आश्रीत ग्राम के पशुओं को पहुँचाना मुश्किल होगा.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें