ईसाई मिशनरी सिर्फ़ राजधानी रायपुर ही नही बल्कि पूरे राज्य में सक्रिय होकर कर रही धर्मांतरण के व्यापार को आगे बढ़ाने का प्रयास
उल्लेखनीय है कि, ईसाई मिशनरी सिर्फ़ राजधानी रायपुर ही नही बल्कि कोंडागांव, बीजापुर, अंबिकापुर, सरगुजा, बस्तर, बेमेतरा और सुकमा सहित पूरे राज्य में सक्रिय होकर धर्मांतरण के व्यापार को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं.इसके अलावा प्रदेश के जशपुर में तो सबसे अधिक धर्मांतरण का कुचक्र चलाया जा रहा है यदि प्रतिशत की बात करें तो पूरे राज्य में सर्वाधिक ईसाई जशपुर जिले में ही रहते हैं जिनमें अधिकांश ऐसे हैं जिनका धर्मांतरण करा दिया गया है.कोरोना काल में जब सभी अपने घरों में रहने को मजबूर थे तब ईसाई मिशनरियों ने अपने धर्मांतरण के व्यापार में तेज़ी से वृद्धि की है.
ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण का जाल इतने गुपचुप तरीके से फैलाया जाता है कि जिस परिवार का धर्मांतरण किया जा रहा हो उसके पड़ोसी को कानों कान खबर तक नही लगती.
ईसाई मिशनरी के लोग गांव-गांव जाकर प्रार्थना के नाम प्रलोभन देकर धर्मांतरित कर रहे हैं साथ ही मिशनरी द्वारा धर्मांतरण का शिकार ऐसे लोगों बनाया जा रहा है जो गरीब हैं, बीमार हैं या फिर जिन्हें किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो. छत्तीसगढ़ का ग़रीब जनजातीय वर्ग, शिक्षा, राशन, दवा और प्रेम के दो मीठे बोल से प्रभावित हो कर धर्मांतरण का शिकार हो रहा है. ईसाई मिशनरी के लोग पहले तो घर के किसी व्यक्ति से सम्पर्क बनाते हैं और फिर घर आना जाना शुरू करते हैं, मौका मिलते ही गरीब परिवार की सहायता करते हैं जिससे वह परिवार इन लोगों से प्रभावित हो कर धर्मांतरित हो जाता है.
देश आज धर्म के ऐसे संकट से घिरा हुआ है जहाँ धर्म के व्यापारियों द्वारा धर्मांतरण का घिनौना खेल, खेला जा रहा है.छत्तीसगढ़ ईसाई मिशनरियों के लिए एक ऐसा प्रदेश बम चुका है जहां वे जनजातीय वर्ग को धर्मांतरण के जाल में आसनी से फंसाने में क़ामयाब हो जाते हैं.छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से धर्मांतरण का एक नया मामला सामने आया है, यह मामला तब उजागर हुआ जब धर्म जागरण मंच ने सक्रियता दिखाते हुए एक ऐसे बालगृह केन्द्र का खुलासा किया जो कि अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था.
इस मामले में पुलिस में मुख्य आरोपी, नरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है तथा विदेशी फंडिंग के विषय में जानकारी जुटाने के लिए आरोपी के बैंक खातों की जांच भी की जा रही है.
गौरतलब है कि, नरेश अवैध बालगृह का संचालन करते हुए बच्चों के धर्मांतरण का व्यापार चला रहा था, पुलिस ने इस बालगृह से 19 बच्चों को मुक्त कराया है जिन्हें आरोपी धर्मांतरण का शिकार बनाने की फ़िराक़ में था