चिंता जायज है, जिनका बेसिक क्लियर नही वो बच्चे कर रहे बोर्ड परीक्षा की तैयारी
छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने सामान्य जनजीवन को अस्त व्यस्त कर फिर से रख दिया है, शासन प्राशासन लाकडउन अगेन की तरफ रुख अख्तियार कर रहे है। ऐसी स्थिती में स्कूली बच्चे के बेहतर भविष्य भाविष्य की चिन्ता छूपाये नही छुपता।
सरकार ने एक बार फिर बच्चों का जनरल प्रमोशन कर दिया है। जनरल प्रमोशन से बच्चों को नुकसान हो रहा है और बच्चे खुद चिंतित हैं। ऑनलाइन क्लासेज और पूरे साल स्कूल ना जा पाने वाले प्रदेश भर के बच्चे अब बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में इनकी तैयारी को लेकर छात्रों की चिंता जायज है।
दरअसल जो बच्चे 9 वीं पास होकर दसवीं में गए हैं, उन्होंने अब तक सही तरीके से परीक्षा नहीं दी है, क्योंकि सरकार का नियम है कि आठवीं तक के बच्चों को पास कर दिया जाए। 9वीं से सही तरीके से परीक्षा ली जाती है। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से पिछले साल भी बच्चों को जनरल प्रमोशन दिया गया था। यही स्थिति 11वीं के बच्चों के साथ भी है। कई ऐसे बच्चे हैं, जिनका बेसिक तक क्लियर नहीं है और वह अब 12वीं की परीक्षा देने वाले हैं।
बच्चों की तरह ही उनके परिजन भी चिंतित हैं। परिजन जहां बच्चों की पढ़ाई की क्वालिटी को लेकर चिंतित हैं वहीं दूसरी चिंता इस बात की भी है कि यदि परीक्षा देने गए तो कहीं संक्रमित ना हो जाएं।