छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामले और भयावह स्तिथि का जिम्मेदार कौन? कोरोना संक्रमण के न्यू स्ट्रेन को लेकर सियासी संग्राम.
कोरोना संक्रमण के नई स्ट्रेन ने छत्तीशगढ़ की आर्थिक स्थिति पर दुबारा कमर तोड़ती नजर आ रही है ,ऐसे में छत्तीशगढ़ के दिग्गज पार्टियों ने एक दूसरे पर सियासी तीर चला कर वार पलटवार कर राजनीतिक कोहराम मचा दिया है।
राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले में स्थिति गंभीर है। हालात को देखते हुए दुर्ग में 6 से 14 अप्रैल तक टोटल लॉकडाउन लगा दिया गया है। बाकी जिलों में भी मुख्यमंत्री ने रिव्यू के आदेश दिए हैं। जैसे-जैसे संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। सूबे में सियासत भी गरमाती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सीएम भूपेश बघेल के असम दौरे पर सवाल उठाया और केंद्र से हस्तक्षेप की मांग भी की, जिसपर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पलटवार किया कि पीएम मोदी और शिवराज भी तो असम दौरे पर है। ऐसे में बीजेपी को आपत्ति करने का हक नहीं है।
दूसरी तरफ पूर्व कलेक्टर वर्तमान नवनियुक्त भाजपा नेता ओपी चौधरी के द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखे गए पत्र, पर प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने संकटकाल में राजनीति न करने की नसीहत देते हुए तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि भारत देश मे कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति की जिम्मेदार केंद्र में बैठे मोदी सरकार ही है। देश मे पहला संक्रमित 9 जनवरी को चिन्हित हुआ, लेकिन भाजपा मोदी सरकार गुजरात मे 'नमस्ते ट्रम्प' और मध्यप्रदेश में खरीद फरोख्त से 'सत्ता परिवर्तन' में लगे रहे, जिससे भारत मे कोरोना ने अपने पैर पसार लिए।
करोड़ों की संख्या में लोग संक्रमित हुए, देश के हर राज्य में लाखों लोग संक्रमित हुए, एक लाख 66 हज़ार लोगों की जान चली गई और केंद्र की भाजपा मोदी सरकार ताली और थाली ही पिटवाती रही। देश में हालात कोरोना संक्रमण के चलते बेकाबू है, मगर भारत के प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश का भ्रमण कर रहे हैं। पांच चुनावी राज्यों में पूरी भाजपा प्रचार प्रसार में लगी हुई है।
बहरहाल सवाल है कि प्रदेश में इस विस्फोटक हालात का जिम्मेदार कौन है? क्या दुर्ग के बाद रायपुर में भी लगेगा टोटल लॉकडाउन? जाहिर है सवाल कई है। इधर राज्य में कोरोना के न्यू स्ट्रेन सामने आने के बाद लोगों में इसे लेकर डर और संशय जरूर बढ़ गया है।