छत्तीसगढ़ में नदी नालों को मिल रहा नया जीवन, महासमुन्द जिले में नरवा विकास योजना पर जोर - डॉ. रश्मि
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वकांक्षी योजना, नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी छोटे बड़े नालो और जलस्रोतों को नया रूप और पुनर्जीवन देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अभूतपूर्व मुहिम चला रही है, छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के तहत नरवा विकास योजना का रूप रेखा तैयार कर कार्य शुरू किया गया है.
इस योजना के तहत वर्षा जल को एकत्रित करने और सहेजने के लिए तेजी से नालों का उपचार किया जा रहा है, अब तक 1310 नालो में वर्षा जल रोकने के लिए 71 हजार 831 स्ट्रक्चर बनाये जाने की मंजूरी दी गई है और छत्तीसगढ़ में 51 हजार 742 स्ट्रक्चर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. जिसमे 9 हजार 685 स्ट्रक्चर निर्माणाधीन है.
आपको बता दें कि महासमुन्द जिले में भी नरवा विकास योजना जोर पर है, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. रश्मि चन्द्राकर जी ने बताया की राज्य सरकार की यह नरवा विकास योजना, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी का ही एक अंग है. नरवा विकास योजना जैसी महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना से छोटे-छोटे नदी नालों को एक नया रूप मिलेगा और भू:जल स्तर में भी सुधार होगा. नदी नालों में जगह-जगह स्टॉप डे, बोल्डर चेक, गली प्लग, परकोलेशन टैंक जैसी संरचना का निर्माण किया जा रहा है. जिससे किसानों को लाभ होगा.
जिलाध्यक्ष डॉ. चन्द्राकर जी ने बताया कि नदी नालों का भू:जल स्तर बढ़ने से नदी नालों में वर्ष भर पानी का ठहराव रहेगा जिससे छोटे बडे किसान वर्ष भर दलहन, तिलहन साग सब्जी की खेती कर पाएंगे. निश्चित ही इस योजना से राज्य और जिले के किसानो का लाभ होगा और अपनी आर्थिक स्तिथि बेहतर कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी प्रदेश के ग्रामीणों और किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाने का यह अनूठा पहल है.
आपको बता दें कि सूरजपुर और बिलासपुर जिले को नेशनल वाटर अवार्ड से सम्मानित किया जा चूका है. नरवा विकास योजना के तहत जिला सूरज और बिलासपुर में इस योजना की शुरुआत किया गया था. जिसमे जल संरक्षण का पूरा लाभ देखने को मिला. उसी तर्ज पर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना की रूप रेखा तैयार कर तेजी से कार्य शुरू किया जा रहा है.
बता दें कि सूरजपुर और बिलासपुर जिले में नरवा विकास योजना से भू:जल स्तर में काफी सुधार देखने को मिला.