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नगर पालिका की कार्यवाही की डर सेअतिक्रर्मण कारियों ने रातो रात शेड निर्माण रोक कर मलबा हटाया

नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अमला गुरु घसीदास बस स्टैंड पहुची ,जहाँ उन्होंने पाया कि गुरुघासीदास बस स्टैंड पानी टँकी के नीचे घेरा मार कर शेड लगा दिया है और अवैध निर्माण कार्य चल रहा है. 

बता दे कि अभी कुछ ही दिनों में दिल्ली से OD F की टर्म औचक निरक्षण में आने वाली है जिसके चलते नगर पालिका स्वच्छता अभियान के साथ नगर प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा और दुकानों के आगे कर अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम चला रही है. नपाध्यक्ष प्रकास चन्द्राकर और सी.एम.ओ,,.ए.के.हालदार ने संज्ञान लेते हुए ,निरक्षण के लिए नगर प्रशासन के अमले को भेजा गया जब टीम वार्ड नम्बर 15 गुरुघासीदास बस स्टैंड पहुची तो वंहा सिर्फ अवैध कब्जा कर रहे शेड निर्माण का मलबा मिला अर्थात रातों रात चल रहे निर्माण कार्य को रोक कर जगह खाली कर दिया गया है.

मौके से टिन शेड और लोहे का गेट हटा लिया गया था। पालिका अमला ने अतिक्रमणकर्ता द्वारा उठाए गए फ्लाय ऐश ईंट की दीवार को हथौड़ी, सब्बल आदि से हटाया। लिहाजा बस स्टैंड की बेशकीमती शासकीय जमीन अतिक्रमण होने से बचा ली गई। खबर प्रकाशन के लिए नपाध्यक्ष नपा उपाध्यक्ष, नेताप्रतिपक्ष व पार्षद प्रतिनिधि से वर्जन लिए जाने के बाद ही अतिक्रमणकारी को मामले के प्रकाशन की भनक लग गई, लिहाजा रातोंरात टिन शेड, दीवार उठाकर किया गया कब्जा रातोंरात ही हटा लिया गया।

इधर शासकीय जमीन पर हो रहे कब्जा पर पालिका के संज्ञान में मामला लाने पर नपा अध्यक्ष और अतिक्रमण तोड़ू दस्ता उन्होने कहा कि पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुराना रायपुर नाका की खाली पड़ी जमीन पर दुकान निर्माण, पार्षद ने कहा दस्तावेज का परीक्षण कराया जाएगा

नगर के पुराना रायपुर नाका, शंकर नगर चौराहे के पास तीन दशक से खाली पड़ी शासकीय जमीन पर अचानक व्यावसायिक परिसर का निर्माण शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक एक में हो रहे इस निर्माण पर पार्षद व नपा सभापति तारेंद्र रिंकू चंद्राकर ने कहा कि उन्होंने निर्माण होते देखा है। कौन निर्माण करा रहा है यह जानकारी नहीं है। जमीन सरकारी है। इसका रिकार्ड देखेंगे और निर्माणकर्ता से दस्तावेज मंगाकर परीक्षण करेंगे।

बता दें कि तीन से चार दशक पहले मौजूदा शंकर नगर चौक तब पुराना रायपुर नाका के नाम से जाना जाता था। निर्माणाधीन स्थल पर नाका था। बीते माह भर से पहले तक यह जमीन खाली थी। अब इस पर अचानक हो रहा निर्माण जनचर्चा का विषय बना हुआ है। यह रोड किनारे की बेशकीमती जमीन है। यह जमीन नगर पालिका की राजस्व बढ़ाने में सहायक है।

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