छत्तीसगढ़ को मिला ,लाख, उत्पादन को खेती का दर्जा
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यामंत्री भूपेश बघेल के द्वारा खेतिहार किसानों एंव वनांचल के आदिवाशी ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए राज्य सरकार विभिन्न प्रकार की योजना ला रही है निश्चित ही जिले के किसान भी अब खेती की ओर आकर्षित होंगे ,वन विभाग छत्तीशगढ़ नए नए आय का जरिया देने जा रहे है दुर्ग सरगुजा सहीत कुछ जिलों में पूर्व से लाख की खेती हो रही है। लाख से अनेक प्रकार की वस्तुएं बनाई जाती हैं.
जैसे - चूड़ियाँ, कड़े , विभिन्न प्रकार के सजावटी डिब्बे व डिब्बियां , सजावटी पेन , गले के हार, झुमके व अन्य कई प्रकार के गहने. इनके साथ-साथ लाख का प्रयोग कुछ विशेष प्रकार की दवाइयां बनाने में भी होता है. रंग तथा वार्निश बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.महासमुंद जिले में अभी इसकी शुरुवात नही हुई है वनोपज संग्रहन के साथ वन विभाग के जरिये किसानों को लाख की खेती का अनुमति मिलने के बाद जिले भर में वनवासी ग्रामीण और किसानो में हर्ष व्याप्त है वन विभाग के प्रति भी आभार जताया जा रहा है वनोपज से जुड़े हुए उत्पादन को बढ़ा कर किसानों और वनांचल के लोगो की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ।इसी क्रम में अब महासमुंद जिले में भी अब लाख की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।