मंडी बनाम मयखाना : बालोद जिला का कृषि उपज मंडी यहां छलकते है जाम
एक तरफ जहां एक बड़ी भीड़ किसान आंदोलन में कृषि बिल के विरोध में जमा हो रही है, कुछ नए कृषि नियम के बाद भी अपने धान को अच्छे मूल्य में बेचने भरषक प्रयास कररहे है, हर दिन धान बिक्री की आकड़े खबरों पर छप रही है, वही दूसरी तरफ कृषि उपज मंडी में शाम होते ही कार्यालय में ही दस्तावेजों के साथ काम करने के बजाय अधिकारी शाम रंगीन कर रहे है
कुछ ऐसा हाल है जिला मुख्यालय के कृषि उपज मंडी कार्यालय का। मंडी के
जिम्मेदार अधिकारी आफिस में बैठकर शराब का सेवन करते पाए गए है। मंडी
कार्यालय में शाम होते ही अधिकारी मद्यपान में लग जाते है। जिसकी तस्वीर
कैमरे में कैद हो गई है। मदमस्त अधिकारी को ये तक नही पता रहा कि ऐसा करते
उन्हें कोई देख भी रहा। देशी ठर्रा के छलकते जाम को देखकर ऐसा लगता है मानो
सरकारी कार्यालय न होकर मयखाना हो। मंडी कार्यालय में अलग-अलग राज्यों की
कृषि उपज मंडियों के साथ ई-नाम के मंच से आनलाइन कारोबार भले ही बंद रहा हो
पर ऑफलाइन शराब के जाम जरूर छलकाए जा रहे थे। सरकारी विभागों में अनुशासन
के लिहाज से कई नियम लागू हुए, इनमें सरकारी विभागों में पान-गुटखा खाकर
आने पर पाबंदी लगाई गई लेकिन अब बात इससे भी आगे बढ़ चुकी है।
अधिकारी आरामदार सरकारी कुर्सियों पर बैठकर बेखौफ शराब भी पी रहे है। शराबबंदी को लेकर प्रदेश की सरकार लगातार अपनी प्रतिबद्धता जता रही है। कैबिनेट की बैठकों में फैसले ले रही है, शराब छुड़ाने के अभियान की वकालत कर रही है और अधिकारी है कि लाखों खर्च कर बनाए गए सरकारी कार्यालय में देशी ठर्रा के जाम छलकाए जा रहा है। अब इसे हेकड़ी कहें, सिर पर चढ़ा शराब का सुरूर या फिर आलाधिकारियों की सरपरस्ती का भरोसा। कहा जाता है सार्वजनिक स्थानों में शराब पी तो खैर नहीं पर आफिस में सरकारी आरामदार कुर्सियों में बैठकर अगर अधिकारी देशी शराब के जाम छलकाए तो कोई क्या करे।
“गलत है ये तो, गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है ये। शासकीय कार्यालय में अगर कोई इस प्रकार मद्यपान का सेवन कर रहा है यदि तो गंभीर अनुशासनहीनता है। उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी — महेंद्र सिंह सवन्नी, अतिरिक्त प्रबंध संचालक छ. ग. राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड”
“ऐसा यदि कोई कर रहा है तो गलत कर रहा है, नही करना चाहिए। ऐसा कृत्य कार्रवाही योग्य है, ऐसी कोई शिकायत आती है तो मैं जांच करूंगा उनके उपर कार्रवाही करेंगे — के आर बंजारे, संयुक्त संचालक संभागीय कार्यालय”