जेल जाने के डर से पूर्व सरपंच ने जमा की गबन की हुई राशि, 20 पूर्व सरपंचो के ख़िलाफ जारी किया गया है वारंट, अब तक हो चुकी है 50 लाख की वसूली...
सरकार द्वारा लगातार गाँव के विकास के लिए कई तरह की राशि दी जाती है. लेकिन कई पंचायतों में इस राशि का उपयोग जनप्रतिनिधि अपने निजी कार्य के लिए करते है. जिन पैसों से गाँव का विकास होना था, किसी गरीब को पेंशन की राशि मिलनी थी, किसी का आवास बनना था उन पैसों से ये अपने लिए ऐशोआराम खरीदते है. और पात्र लोग मजबूर होते है दर-दर भटकने को.
लेकिन महासमुंद जिले के अनुविभाग सरायपाली में अब पूर्व सरपंचों को शासकीय राशि को गबन करना अब महंगा पड़ सकता है. पूर्व में गबन करने वाले सरपंचों से राशि के वसूली की प्रक्रिया जारी है. अगर किसी ने गबन की हुई राशि नहीं लौटी तो उसे जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. ऐसा ही एक मामला आज सामने आया जिसमे सरायपाली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बनोभांठा के पूर्व सरपंच ने जेल जाने के डर से पूर्व में गबन की ही राशि को जमा कर दिया.
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बनोभांठा के पूर्व सरपंच को गबन के मामले में गिरफ्तारी वॉरेंट जारी होने के बाद कल सुबह 5 बजे गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद गाँव के पूर्व सरपंच इंद्रमणि ने आनन फानन में 1 लाख 16 हजार रु जमा कर दिए.
सरायपाली एसडीएम कुणाल दुदावत ने बताया कि सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बनोभांठा के पूर्व सरपंच इंद्रमणि साहू आवस योजना के तहत एक हितग्राही का एक लाख सोलह हजार एक सो बत्तीस रुपये गबन के मामले दोषी पाए गए थे. जिसके बाद न्यायालय मे लगतार नदारत चल रहे थे. जिसके कारण गिरफ्तारी वॉरेंट जारी किया गया था.
वारंट जारी होने बाद कल सुबह 5 बजे सरायपाली पुलिस द्वारा बनोभांठा के पूर्व सरपंच को उनके आवस से गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया. गया जहा पूर्व सरपंच ने जेल जाने के डर से आवस योजना गबन के पुरा रकम को जमा करवाया, जिसके बाद बाद उन्हें न्यायालय से मुक्त किया गया.
सरायपाली एसडीएम कुणाल दुदावत से मिली जानकारी के अनुसार सरायपाली जनपद अंतर्गत 23 पंचायतों में 100 से ज्यादा गबन के प्रकरण चल रहे है. जिसमे लगभग 1 करोड़ रु वसूलने बाकी है. जनवरी से अभी तक लगभग 50 लाख रु वसूल लिया गया है.
बताया गया कि पंचायती राज अधिनियम धारा 92 के तहत प्रावधान है कि कोई राशि गबन करता है तो उसको अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दंडाधिकारी को वसूली करने का पूरा अधिकार है. अगर कोई व्यक्ति राशि जमा नही करता है तो उसको 30 दिन के अवधि तक जेल में भेजा जा सकता है.
इसके पहले सरायपाली जनपद अंतर्गत अमरकोट और कुसमिसरार के सरपंच को गिरफ्तार किया गया था. जहां आनन फानन में एक-एक लाख रु जमा कराए तथा 20 पंचायतों के पूर्व सरपंचों के नाम से गिरफ्तारी वारेंट जारी किया गया है. इसमें बन्दीमाल, बाझपाली, सिंघोडा, पंडरीपानी, पतेरापाली, खोखेपुर, छिबर्रा, इंद्रजीत, अर्जुडा, गेर्रा जैसे गाँव है.