बीएमओ डॉक्टर अमृत के तानाशाही रवैए से परेशान स्वास्थ्य कर्मच... - CG Sandesh

बीएमओ डॉक्टर अमृत के तानाशाही रवैए से परेशान स्वास्थ्य कर्मचारी

सरायपाली. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सराईपाली में पदस्थ खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ अमृत के रवैए एवं कार्यशैली से यहां के कर्मचारी परेशान भी हैं, और प्रताड़ित भी. क्योंकि पूरा देश जहां कोरोण वायरस से जूझ रहा है इस संकट की घड़ी में सबसे प्रत्यक्ष और सामने के योद्धा कोई है तो वह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, सभी स्वास्थ्य कर्मचारी सेवा भाव से अपने अपने कर्तव्यों का निर्वहन जिम्मेदारी पूर्वक कर रहे हैं साथ ही राज्य सरकार द्वारा इनकी सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है. इस पर जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.

इसी का फायदा उठाकर यहां के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ अमृत द्वारा अनावश्यक तरीके से 15 से 20 कर्मचारियों को स्पष्टीकरण दिया गया और जवाब संतोषजनक नहीं है करके उनका वेतन बिना सूचना के काट दिया गया, जिससे सभी कर्मचारी भयभीत हैं.

यही नहीं उक्त अधिकारी का रवैया और स्वभाव में मानवता भी नहीं है क्योंकि किसी के घर में किसी सदस्य की गंभीर बीमारी हो जाने पर अवकाश हेतु आवेदन लगाने पर अवकाश भी नहीं दिया जाता है. और कहा जाता है कि मैं जहां बोलूंगा वहां उपचार कराना नहीं तो फिर अवकाश नहीं मिलेगा. कर्मचारियों की untied fund से पैसे की मांग हो या हेल्थ वैलनेस सेंटर में मिलने वाली इंसेंटिव की राशि, इस पर कमीशन की मांग, एवं विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों का कभी भी समय पर पैसा नहीं मिलना इत्यादि समस्या को लेकर कर्मचारी कई बार मौखिक और लिखित शिकायत कर चुके हैं.

बावजूद इसके मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किसी प्रकार का कोई कार्यवाही ना करना ना ही जांच टीम बैठाना कर्मचारियों की समस्या को न सुनना सरायपाली ब्लॉक के स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है.

वहीं इस मामले को लेकर स्थानीय विधायक को भी समस्त कर्मचारी ने समस्या से अवगत करा दिया हैं. लेकिन अभी तक इस अधिकारी पर कोई कार्यवाही ना होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है.

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष शिव प्रधान ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों पर तत्काल एक्शन लेने की मांग शासन प्रशासन से मीडिया के माध्यम से करता हूं. ताकि स्वास्थ्य कर्मचारी ईमानदारी से और डॉक्टर अमृत के परेशानी से मुक्त होकर कार्य कर सके.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें