मरीजो को देखकर छिप गए डॉक्टर ! फिर झाड़-फुक करवाने को मजबूर हुआ ग्रामीण.
ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ कर्मियों के ड्यूटी लगाया जा रहा 100 बिस्तर अस्पताल में, ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज हो रहे है प्रभावित.
सरायपाली के कई ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ विभाग के कर्मचारियों को स्वास्थ केंद्र सरायपाली 100 बेड अस्पताल में व्यवस्था के तौर पर लगाया जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए झाड़ फुक और झोला छाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है.
जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लाक अंतर्गत कई स्वास्थ केंद्र के RMN के पद पर पदस्थ कार्यकर्ता, जिनको खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में पदास्थपना किया गया है ताकि अच्छे से इलाज मुहैया हो. लेकिन सरायपाली BMO के आदेश पर ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ केन्द्र RMN कर्मचारियों को सरायपाली के स्वास्थ केंद्र में व्यवस्था के तौर पर लगाया जा रहा है.
स्वास्थ कर्मचारियों से बातचीत करने पर पता चला कि सरायपाली BMO द्वारा पिछले कई महीनों से ऐसे ही किया जाता है, सप्ताह में 3 दिनों के लिए ग्रामीण क्षेत्र के मूल पदास्थपना से सरायपाली के स्वास्थ केंद्र में ड्यूटी लगाया जाता है.
विगत दिनों सरायपाली ब्लॉक के एक ग्रामीण जब बुखार और हाथ पैर सर दर्द के चलते गांव के स्वास्थ केंद्र में पहुचा तो स्वास्थ कार्यकर्त्ता द्वारा मरीज को उसके निजी मेडिकल में बुलाकर ब्लड चेक और और निजी मेडिकल से ही ईलाज किया, लेकिन तबियत में कुछ भी सुधार नही हुआ.
मरीज के हालात को बिगड़ते देख जब घर वालों ने एक बार फिर स्वास्थ कार्यकर्ता से संपर्क किया, जिसके बाद 100 बिस्तर अस्प्ताल या अन्य जगह जाकर खून जांच करवाने सलाह दिया गया.
जिसके बाद तड़पते हुए मरीज जब स्वास्थ केंद्र सरायपाली पहुंचा तो स्वास्थ केंद्र में डॉक्टरों ने मरीज को आज छुट्टी है ऐसा जवाब दिया गया. जिसके बाद उस मरीज को एक दुकान से सारी डॉन की गोली और एक झाड़ फुक करवाना पड़ा.
वहीं मरीज के परिवार वालो ने बताया कि 100 बेड अस्प्ताल में डॉक्टर किरण और कई कर्मचारी मौजूद थे, और गुहार लगाने के बाद भी डॉक्टरो में मानवता नही जागा और छुट्टी बताते हुए वहां से जाने को कहा गया.