काम की तलाश में गए पुणे गए 50 लोगों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना, नोटिस भेजने के बाद भी नहीं हुआ है समस्या का समाधान.
इस तरह महासमुंद एवं रायगढ़ जिले के 50 लोग कोरोनावायरस के चलते लॉकडाउन होने से फंसे हुए है, जिसमें 13 लड़कियां भी शामिल है. जहाँ उन सभी को भोजन एवं पैसे की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
इस खबर के प्रशासन के बाद मामला को गंभीरता से लेते हुए नरसिंह अग्रवाल को नोटिस भेजा. और पुणे में फंसे लोगों से बातचीत कर वहां की भोजन की कमी की शिकायत को दूर करने को कहा गया. इसके साथ ही सभी को लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद घर वापस आने को लेकर आश्वस्त किया गया कि सभी लोगों को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया जाएगा.
लेकिन अब भी वहां फसे लोगों को वहां समस्या का सामना करना पड़ रहा है, नोटिस जारी किये जाने के बाद भी वहां फसें लोगों को भोजन और पैसे की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार ये सभी 17 तथा 21 मार्च को कंपनी में जॉइनिंग लिए थे. जहाँ उन्हें फ्रिज, एसी, मोबाइल, एलईडी, टीवी बनाने का कार्य मिला था. और उन्हें लगभग 10 हजार रू वेतन पर रखा गया था. लेकिन कार्य प्रारंभ करने के 5 दिन बाद ही कंपनी लॉक डाउन के चलते बंद हो गया. और उनको अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने बताया है कि कंपनी बंद होने के बाद से उन्हें कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ा रहा है. वे लोग यहाँ से मामूली रकम 1500 से 2000 रू तक लेकर गए थे. जहाँ कुछ दिनों तक उन्हें कंपनी की ओर से भोजन दिया गया, लेकिन कंपनी बंद होने से उन्हें भोजन एवं कमरा किराया आदि खर्च उन्हें स्वयं को वहन करना पड़ रहा है. अब अब हालत ऐसी हो चुकी है कि उनके पास खुद के खाने के लिए पैसे भी नहीं है. कुछ दिनों तक उन्होंने मजबूरी वश टिफिन का सहारा लेना पड़ा, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे है उनकी परेशानी बढती जा रही है.