उज्जवला योजना के फार्म भरे हितग्राही का आवेदन फंसा सिस्टम पर
प्रदेश सरकार बदलते ही बंद हो गई उज्जवला योजना
सरायपाली. विगत 4 वर्ष पूर्व रसोई को धुआं मुक्त करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूवात की गई थी, जो प्रदेश में राज्य सरकार बदलते ही योजना भी बंद हो गई. इस बीच हजारों हितग्राही योजना का लाभ लेने से वंचित हो गए और वे गैस एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं. उज्जवला योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवारों को 200 रूपए में गैस कनेक्शन दिया जा रहा था, विभिन्न कंपनियों के डीलरों द्वारा हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक गांव में शिविर लगाकर आवेदन भी लिए गए और काफी लोगों को इसका लाभ भी मिला.
सरायपाली में उज्जवला योजना के एचपी गैस के 22826 हितग्राही हैं, जबकि अभी भी हजारों हितग्राहियों का फार्म फंसा हुआ है. जानकारी अनुसार 1 मई 2016 को उज्जवला योजना की शुरूवात हुई थी. प्रदेश में सरकार बदलने के बाद इसका वेबसाईट ही बंद हो गया. इस बीच आवेदन कर चुके हितग्राही गैस कनेक्शन पाने के लिए एजेंसियों का चक्कर लगा रहे थे. एक साथ आवेदन किए एक ही गांव के कुछ लोगों को गैस कनेक्शन मिल गए जबकि कुछ लोगों को अभी भी गैस कनेक्शन नहीं मिल पाया है. पर्यावरण को प्रदुषण से बचाने एवं रसोई को धुंआ मुक्त करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया था और उज्जवला योजना की शुरूवात की थी. लेकिन सभी हितग्राहियों को लाभ मिलने के पूर्व ही योजना के बंद हो जाने से आवेदन कर चुके हितग्राही अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं. वहीं बीच में ही उज्जवला योजना का एक माह के लिए पुनरू शुरू हुआ था. उसके बाद से सिस्टम ही बंद हो गया है, जिसके चलते एजेंसी वाले भी यह नहीं बता पा रहे हैं, कि आवेदन कर चुके कितने हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिला है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार अपै्रल 2020 में पुनरू योजना की शुरूवात हो सकती है. अगर योजना की शुरूवात पुनरू होती है तो आवेदन कर चुके हितग्राहियों को बड़ी राहत मिलेगी. कुछ हितग्राहियों ने कहा कि उज्जवला योजना की शुरूवात अगर नहीं होती है तो उन्हें अन्य योजना के तहत सरकार लाभ पहुंचाए.