अंग्रेजी में मुझे गणित समझ नहीं आती,  घर में पढ़ाने वाला कोई ... - CG Sandesh

अंग्रेजी में मुझे गणित समझ नहीं आती, घर में पढ़ाने वाला कोई नहीं है, 12 साल की छात्रा का तालाब से मिला शव. घर में मिला सुसाइड नोट.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 12 साल की बच्ची ने तालाब में कूदकर खुदकुशी कर ली। घर से मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने छत्तीसगढ़ी में लिखा है, ष्मैं आपकी बेटी दीपिका मरावी पढ़ नहीं सकती हूं। गणित म इंग्लिस पढ़ाते। एक ठोक ल बस पढ़ाते, ओकर बाद अपन घर से बना के लाहा कहिथे। तव सब के घर में बताथे और मोर घर में कोने नई हे, तव कोन बताही। मेडम ह घर से बना के लाहा कहथे। त मैं नई बनाए सकौं त का करहूं। अउ मोला मत खोजहा। दीपिका मरावी।

23 फरवरी की शाम से घर से गायब थी

कोटा थानाक्षेत्र के ग्राम नरौतीकापा निवासी दीपिका मरावी 12वर्ष पिता गोवर्धन मरावी गनियारी के हसरत कांवेंट स्कूल में 6 वीं कक्षा की छात्रा थी। 23 फरवरी की शाम करीब 5 बजे दीपिका अचानक अपने घर से गायब हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश कीए लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने 25 फरवरी को थाने में सूचना दी। पुलिस उसका पता लगाने में जुटी थी कि इसी बीच बुधवार सुबह उसका शव घर के पास ही खडहरी तालाब में मिला। गांव के ही विजय कौशिक ने उसके परिजनों को बताया।

घर से गायब होने से पहले दीपिका ने एक चिट्ठी छोड़ी थी। अपने पिता को हिंदी व छत्तीसगढ़ी में संबोधित करते हुए पत्र लिखा गया है। इसमें कहा है कि उनकी बेटी पढ़ नहीं सकती है। गणित विषय को इंग्लिश में पढ़ाया जाता है। स्कूल में एक सवाल को ही बस पढ़ाते हैं उसके बाद अपने घर से बना के लाने के लिए बोलते हैं। सभी के घर में बताते हैं और मेरे घर में कोई बताने वाला नहीं है। मैडम घर से बनाकर कर लाने के लिए बोलती हैं। मैं नहीं बना सकती तो क्या करूं। और मेरे को अब मत ढूंढना। दीपिका मरावी।

पालक बच्चों से बार.बार उनकी समस्याएं पूछें, मनोचिकित्सक

मनोचिकित्सक डॉ संजय दिघ्रस्कर कहते हैं बच्चे स्कूल में क्या पढ़ रहे हैं और क्या उन्हें समझ में नहीं आ रहा है यह पालकों को अच्छी तरह से समझना चाहिए। यदि बच्चों के माता.पिता अनपढ़ होते हैं तो उन्हें अपने किसी रिश्तेदार की मदद लेनी चाहिए जो पढ़े लिखे हो। वे बच्चों से बात करें कि उन्हें कुछ समस्या तो नहीं है। स्कूल में शिक्षकों का बच्चों के साथ बर्ताव कैसा है यह भी पता लगाना चाहिए। इसी तरह पाठ्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण को जोड़ा जाना चाहिए।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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