सीएए एनपीआर का विरोध कर कानून को वापस लेने की मांग, अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन.
बहुजन क्रांति मोर्चा के तत्वाधान में आज 29 जनवरी को सीएए एनआरसी और एनपीआर कानून के खिलाफ एक दिवसीय भारत बंद का आयोजन किया गया था. इस घड़ी में स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों ने भी अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को दिन भर बंद कर इस एक्ट का विरोध किया.
सर्वप्रथम मस्जिद परिसर के पास उनके द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया उसके बाद उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी को विरोध संबंधी ज्ञापन सौंपते हुए सरकार के इस कानून को वापस लेने की मांग की.
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित मोर्चा के पदाधिकारी गुरुचरण रायपुर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीएए एनपीआर एक काला कानून है जिसने देशवासियों में सबसे बड़ी असंतोष पैदा कर दिया है. यह देश के नागरिकों को बांटने वाला कानून है इसका विरोध करना आवश्यक है, उन्होंने कहा कि भारत के मूल निवासियों को विदेशी साबित करने का अभियान है इसलिए देशवासियों को विरोध करना होगा.
कार्यक्रम को जमील हुसैन, मौलाना अब्दुस्तार, गालिब हुसैन, जफर उल्लाह खान ने सम्बोधित किया. इस अवसर पर मुजफ्फर खान, फारुख हुसैन, रज्ज़ाक भाई, फारूक हुसैन, मो सकील, गुलाम खान, नेहतरु खान, मो यासीन, सेख वाहिदनियारिया, जनाब खान, दीपक मखीजा, शेख इरफान, हमीद खान, इसलाम खान, गुड्डा साह, आशिक हुसैन, शेख मोबिन, यासीन मेमन, सफिक भाई, रमजान खान, इस्लाम खान, लाल उस्मानी, सलाउद्दीन खान, अमानुल्ला खान, नसीब खान, नकीब खान, बाबा कुरैसी, मजहर खान, आदि बड़ी संख्या में मुस्लिम जन मौजूद थे.