तीन दिनों से पड़ रही है कड़ाके की ठण्ड, कामकाज हो रहा है प्रभावित
सरायपाली. विगत तीन-चार दिनों से क्षेत्र में कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है. इससे सुबह एवं शाम के समय विभिन्न कार्यों से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इससे लोगों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है.
बीते दिनों ठण्ड में कमी आने के कारण गर्म कपड़ों की बिक्री में जो गिरावट आई थी, उसमें अब पुनरू उछाल आ गया है और गर्म कपड़ों की दुकानों में भीड़ बढ़ गई है. इसके साथ ही सर्दी , खाँसी जैसे मौसमी बीमारियों ने भी धावा बोल दिया है. विशेषकर बच्चे इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं.
विगत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष कुछ विलंब से ठण्ड शुरू हुआ है. कुछ दिनों तक ठण्ड लगने के बाद बदली के मौसम की वजह से इसका प्रभाव कुछ कम नजर आ रहा था, लेकिन बीते तीन-चार दिनों से पुनरू ठण्ड ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है. सुबह के समय कोहरा के साथ-साथ ठण्ड का अधिक ही आभास हो रहा है.
मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले भी इन दिनों ठण्ड से ठिठुरते हुए निकल रहे हैं. साथ ही कई स्थानों पर बने हुए खुले जिम में कसरत करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. नगर के नई मण्डी, प्राथमिक शाला शास्त्री नगर, बस्ती सरायपाली तालाब, जनपद के पीछे गार्डन, पुष्प वाटिका, जोगी तालाब आदि के पास स्थित खुले जिम में लोग कसरत करने के लिए बड़ी तादाद में पहुँचते हैं.
वहीं शहर में जगह-जगह लगे ऊनी कपड़ों के स्टॉल में एक बार फिर भीड़ दिखाई देने लगी है, जिसमें शॉल, स्वेटर, जैकेट एवं दस्तानों की बिक्री अधिक हो रही है. इस वर्ष नगरपालिका द्वारा अभी तक अलाव की शुरूवात नहीं की गई है.
विगत वर्ष बस स्टैण्ड, टैक्सी स्टैण्ड एवं झिलमिला चैक में रात्रि के समय ठण्ड से राहत दिलाने के लिए अलाव जलाये जाते थे. जिससे यात्रियों एवं राहगीरों को कुछ समय के लिए ठण्ड से राहत भी मिलती थी. ठण्ड बढ़ते ही सर्दी, खाँसी व मौसमी बीमारियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है. निजी क्लिनिकों के अलावा शासकीय अस्पतालों में भी मौसमी बीमारी के मरीज काफी तादाद में इलाज के लिए पहुँच रहे हैं.
ठण्ड का सामना किसानों को भी अधिक करना पड़ रहा है. अंचल में सभी ओर लगभग धान की कटाई पूरी हो चुकी है. धान कटाई के बाद किसान उसे मण्डी में ले जाकर बेचते हैं. हालांकि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी विगत 1 दिसंबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन इसमें अपनी बारी के अनुसार ही किसान धान को मण्डी लेकर जाते हैं.
इसके अलावा जिन किसानों की बारी नहीं होती उन्हें अपने धान को ब्यारा में ही रखकर उसकी रखवाली करनी पड़ती है. इन दिनों जिन किसानों को इस प्रकार धान की रखवाली करनी पड़ रही है, उन्हें ठण्ड के कारण बहुत अधिक परेशानी हो रही है.