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अवैध कब्जा कर घास भूमि पर मकान बना रहे व्यक्ति को ग्रामीणों ने खदेड़ा

सरायपाली. भंवरपुर मार्ग पर स्थित ग्राम मोखापुटका के शासकीय जमीन (घासभूमि) पर ग्राम बगईजोर के एक व्यक्ति एवं रीवाँ मध्यप्रदेश से आए कुम्हार के द्वारा अवैध कब्जा कर खेती की गई है. विगत दो-तीन दिनों से कुम्हार द्वारा उक्त कब्जा जमीन पर मकान भी बनाया जा रहा था. ग्रामीणों ने एकजुट होकर आज मकान को ध्वस्त कर अवैध कब्जा हटाया और तहसीलदार को सूचना दी.

ग्रामीणों द्वारा कब्जा जमीन पर लगे फसल को भी मामला के निराकरण होने के बाद काटने संबंधी मांग तहसीलदार से की गई है. ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम बगईजोर के कार्तिकराम ओगरे पिता खेदुराम का मोखापुटका के शासकीय जमीन से सटकर स्वयं का जमीन है. उनके द्वारा उस जमीन पर कब्जा कर कुछ वर्षों से फसल लगाया जाता था और वहीं पास ही लगभग 10 डिस्मिल में उनके शह पर एक कुम्हार भी विगत तीन-चार दिनों से मकान बनाने के लिए दीवार देने का कार्य शुरू कर दिया था.

ग्रामीणों की समझाईश का भी उसपर कोई असर नहीं हो रहा था. आज मोखापुटका के लगभग 400 ग्रामीण कुम्हार के द्वारा बनाए जा रहे उस मकान के पास पहुँचे और र्इंट के दीवार को ध्वस्त कर दिया. साथ ही कुम्हार को दुबारा उक्त स्थान पर मकान न बनाने की हिदायत दी. ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना तहसीलदार सरायपाली को भी दी गई.

आगे ग्रामीणों ने बताया कि विगत वर्ष ढाई एकड़ शासकीय जमीन को सीमांकन एवं आदेश करवाकर शासन द्वारा ग्रामीणों को शासकीय उपयोग के लिए दिया गया है. उक्त जमीन पर हाई स्कूल एवं विद्युत वितरण केन्द्र बनाए जाने का भी प्रस्ताव था, लेकिन किसी कारणवश वहाँ पर न बनाकर आगे कनकेवा के घास जमीन पर हाई स्कूल एवं विद्युत वितरण केन्द्र बनाया गया है. इसके बाद से उक्त जमीन पर - ग्रामीणों की मंशा अनुरूप गोठान बनाए जाने की भी योजना है.

शासन द्वारा जमीन को ग्रामीणों को सौंपे जाने के बाद पिछले वर्ष से ही कार्तिकराम को चेतावनी भी दिया गया था कि वे अब शासकीय जमीन से अपना कब्जा हटा लें और किसी तरह की क्षति न करें. लेकिन कार्तिकराम द्वारा ग्रामीणों की चेतावनी व प्रशासन के नियमों को अनदेखा करते हुए अपने खेत के साथ शासकीय जमीन पर भी धान की खेती अवैध रूप से की गई है. तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उनके द्वारा उक्त कब्जाधारियों को नोटिस देकर खदेड़ा जाएगा और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.

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