3 कमरे में 7 कक्षाएं की जा रही संचालित, शिक्षक भी केवल चार, ... - CG Sandesh

3 कमरे में 7 कक्षाएं की जा रही संचालित, शिक्षक भी केवल चार, जंगली जानवरों का रहता है ख़तरा.

कसडोल! शिक्षा विकासखण्ड कसडोल का मामला प्रकाश में आया कि प्राथमिक और मिडिल स्कूल एक ही भवन में संचालित हो रहा है, मात्र 3 कमरे 7 कक्षा 4 शिक्षक.  जब हमारे संवाददाता ने स्वम् जानकारी लेने पहुचा तो शिक्षा विभाग और शासन के द्वारा बनाये जा रहे योजना का भर्राशाही सामने आया.

प्रधान पाठक ललित यादव प्राथमिक शाला तालाझर ने बताया कि विगत 9 सालो से प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूल का संचालन 3 कमरों में आठ कक्षा लगाते आ रहै है,  मजबूरी थी कि टूटे फूटे भवन में बच्चों को खतरा है, शिक्षकों द्वारा बार बार शिकायत किया गया तो आठ साल बाद जीर्णोद्धार और आहत निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुआ, पहले आहता निर्माण चालू किया गया तो हम लोग सोचे कि मांग पूरा हुआ, लेकिन मिडिल स्कूल के दायरे में, जब जीर्णोद्धार प्राथमिक शाला की बारी आई तो गांव से बाहर पहाड़ी के पास स्कूल भवन निर्माण कराया गया. जहा निर्माण कार्य कराया गया वही आहता निर्माण भी कराया जाता, तो बच्चो की सुरक्षा होती या फिर पुराना स्कूल को बनवाते.  एक तो जंगली जानवरों का खतरा, तो वहीं  विगत चार सालों से इस क्षेत्र में जंगली हाथियों का डेरा के लोग जान गांव चुके है.  इस स्थिति में स्कूल को उस जगह में संचालित नही कर रहा हु.

प्रधान पाठक ने बताया कि इसके चलते  बच्चो को बैठने और शिक्षकों को पढ़ाने में भी तकलीफ हो रही है, मिडिल स्कूल और प्रायमरी स्कूल दोनो स्कूल मिलाकर 4 शिक्षक है कहा बैठे, भारी समस्या है, विभाग कहती है गुणवत्ता लाओ कहा से लाये, यदि नियम के तहत जीर्णोद्धार होता तो समस्या नही आती, किसके कहने पर विभाग पहाड़ के पास भवन बनाया गया, ये तो विभाग ही जाने.

इस संबंध में में कसडोल विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गुप्ता से फोन से संपर्क किया गया तो बताया गया कि इस संबंध में मुझे जानकारी नही है, मैं जानकारी ले के बताता हूं.



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें