राज्य में नयी सरकार आने के बाद रेल लाईन हेतु पुनरू उठने लगी, ओड़िसा के जनप्रतिनिधि भी इस मांग को लेकर हुए गंभीर
सरायपाली. क्षेत्र के निवासियों को सरायपाली से रायपुर की ओर रेलमार्ग से यात्रा करना अभी तक एक स्वप्न बना हुआ है. राष्ट्रीय राजमार्ग 53 अब रायपुर तक फोरलेन में तब्दिल हो चुका है. लेकिन राजधानी तक रेलवे में सफर करने के लिए कितनी पीढ़ी गुजर जाएगी यह कहा नही जा सकता. प्रदेश में नयी सरकार बनने के बाद एक बार पुनरू सरायपाली को रेल लाईन से जोड़ने की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है. अभी तक केवल मांग, ज्ञापन तक ही रेलवे लाईन को जोड़ने की बात होती रही है, इसके लिए कोई बड़ा जनआंदोलन दिखाई नही दिया है.
इस मांग को अब बड़े स्तर में करने के लिए ओड़िसा के जनप्रतिनिधि तथा वहां के कुछ सामाजिक लोग भी सामने आ रहे हैं. अभी तक केवल सरायपाली के लोगों के द्वारा ही रेल सुविधाऐं प्रदान करने हेतु समय-समय में मांग की जाती रही है. लेकिन इसमें अब बरगढ़ ओड़िसा के लोग भी शामिल हो गए हैं. इसके लिए एक बैठक हो चुकी है.
रायपुर से सरायपाली तथा इसके आगे ओड़िसा के बरगढ़ तक रेल सुविधा विकसित करने की मांग बहुत पुरानी है. लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि राज्य में भाजपा की सरकार 15 वर्ष तथा विगत 5 वर्ष से केन्द्र में भाजपा की सरकार होने एवं महासमुंद लोकसभा में लगातार भाजपा से ही सांसद चुने जाने के वावजूद भी इसके लिए पुरजोर प्रयास क्यों नही किया गया. इसके लिए अब राज्य में कांग्रेस की सरकार है तो इस मांग को अब प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक ले जाया जाएगा.
कई परेशानियों से मिलेगी निजात
रेल सुविधा बन जाने के बाद ओड़िसा के बरगढ़ से लेकर उसके आगे शहरों तक जाने के लिए भी यात्रा सुगम हो जाएगी. वहीं प्रतिदिन हजारों की संख्या में रायपुर तक यात्रा करने वालों को भी कम खर्च पर पहुंचने का लाभ मिल जाएगा. अभी इस मार्ग में रायपुर तक लगभग 70 बसें चल रही हैं. बसों में बढ़ रहे किराया, यात्री बसों में हो रही परेशानी, आने-जाने के लिए 8 घंटे के समय में भी लोगों को निजात मिल सकेगा. रेलवे का विस्तार होने से यहां के व्यापार में भी मदद मिलेगी तो वहीं बेरोजगार युवाओं को रायपुर तक आने-जाने में आर्थिक बचत होगी. अब देखना होगा कि बैठक के बाद किस तरह से इस बहुप्रतिक्षित मांग को लेकर आंदोलन की रूप रेखा बनेगी. जिसमें लोग भी स्वर्स्फूत होकर जुड़ सकेंगे यह आने वाले दिनों में पता चलेगा.
फिलहाल ओड़िसा के नेताओं का यह प्रयास यहां पर उठ रही मांग में भी बल मिलेगा. सरायपाली को जिला बनाने की मांग के साथ इस अंचल के लोगों के लिए यह दूसरा प्रमुख मांग कई सालों से है.