1450 रु के जगह 3 हजार लिया सोशल मिडिया में वायरल होने के बाद ब्लड बैंक संचालक राधेश्याम के पास पहुंच क्षमा माँगा
सरायपाली के एक सोशल मिडिया ग्रुप में आज सुबह सरायपाली के समर्थ ब्लड बैंक में जरुरतमंदों से रक्त के नाम पर 1450 रुपये एवं एक डोनर की मांग इस शर्त के साथ की डोनर O+ छोड़कर कोई भी हो. जिस पर मुस्तफिज़ आलम बे इसके पीछे का तर्क बताते हुए कहा कि O+ (ओ पॉजिटिव) सुलभता से मिल जाने वाला रक्त है एवं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है. लेकिन जब किसी मरीज को O+ ब्लड की आवश्यकता होती है तब भी ब्लड बैंक वाले अपनी मनमानी करते हुए डोनर की मांग करते हैं एवं 3000 रूपये जमा कराने को कहते हैं, जो कि सर्वथा नियम विरूद्ध व अनुचित है.
मुस्तफिज़ आलम ने आरोप लगाया कि जागरूकता, जानकारी के आभाव में ग्रामीणों की गाढ़ी
कमाई में ब्लड बैंक चलाने वाले डाका डाल रहे हैं, साथ ही क्षेत्र के प्रतिष्ठित
चिकित्सालय को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं.
मुस्तफिज़
आलम ने बताया कि ऐसे
ही एक मरीज के पति श्री राधेश्याम देवता जी की धर्म पत्नि जिन्हें कुछ दिन पहले
किसी कारणवश रक्त की आवश्यकता थी, जिन्होंने
अपनी पत्नि को स्वयं रक्तदान किया था, पुन: ब्लड लगने पर उन्होने ने ओ पॉजिटिव हेतु समर्थ ब्लड बैंक,
सराईपाली में सम्पर्क किया जहां उनसे 3000 रुपये लिया गया एवं रसीद 1450 रुपये का दिया गया. जिसका सोशल मीडिया में पोस्ट वायरल होने के
बाद ब्लड बैंक संचालक राधेश्याम जी के पास पहुंचकर क्षमा मांगते हुए आगे से किसी
के साथ भी इस प्रकार की गलती न करने की बात कही. एवं पूरे 3 हजार रूपये वापस करने लगा.
जिसपर देवता जी ने केवल 1550 रुपये (जो ब्लड बैंक से वापस मिलना था) लेकर उन्हें क्षमा करने की बात
कही.