बच्चा चोर के अफवाह से परेशान हैं पुलिसकर्मी, विगत सप्ताह भर से ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही है बच्चा चोर की अफवाह
सरायपाली. इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चा चोर की अफवाह जोरों से फैल रही है. हाल ही में नयागाँव, मौलीखार, कर्राभौना, बरबसपुर, छुईपाली आदि में ग्रामीणों द्वारा गाँव में आए अज्ञात लोगों को बच्चा चोर के आरोप में 112 वाहन के माध्यम से था-ना भेजा गया है. लेकिन कहीं भी बच्चा चोर होने की पुष्टि नहीं हुई है.
बच्चा चोर के अफवाह से ग्रामीणों में भी दहशत फैल गया है और बच्चों पर निगरानी बढ़ गई है. वहीं आए दिन बच्चा चोर की सूचना मिलने पर पुलिस भी परेशान हैं. विगत कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अन्य प्रांतों में बच्चा चोर की घटना वायरल होने के बाद महासमुंद जिले के विभिन्न थानों से भी प्रतिदिन किसी न किसी गाँव से अज्ञात व्यक्ति के गाँव में घुसते ही उक्त व्यक्ति को बच्चा चोर का नाम देकर ग्रामीणों द्वारा पुलिस के हवाले कर दिया जा रहा है. चाहे वह व्यक्ति मानसिक रूप से विकलांग हो या फेरी वाला या किसी कार्य से उस गाँव में आया हो, अनजान चेहरा देखते ही लोग दहशत में आ जा रहे हैं और पूरे गाँव में बच्चा चोर की अफवाह फैल जा रही है. ग्रामीण यहीं तक ही नहीं रूक रहे हैं, बल्कि इसकी तत्काल पुलिस को सूचना देकर 112 वाहन के माध्यम से उक्त व्यक्ति को थाना भी पहुँचाया जा रहा है. इसके बाद सोशल मीडिया में भी बच्चा चोर के अफवाह की भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है और बिना पुष्टि किए एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में फारवर्ड किया जा रहा रहा है. इस तरह का कार्य सरायपाली अंचल में विगत एक सप्ताह से देखा जा रहा है. कल ही सिंघोड़ा थानांतर्गत ग्राम मौलीखार में एक बच्चा चोर पकड़ाने की खबर आई और उनके द्वारा एक 5 वर्ष के बच्चे का अपहरण किए जाने की सूचना को व्हाट्सएप में वायरल कर दिया गया.
जबकि इसकी सत्यता जानने के लिए सिंघोड़ा थाना प्रभारी अशोक यादव से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उक्त व्यक्ति मानसिक रूप से विकलांग है और उनके पास किसी तरह का अपहरण का कोई साधन भी नहीं था, और न ही उसने किसी बच्चे को उठाया था. वह एक घर से लूंगी और शर्ट को ले रहा था, तभी उनके घर से एक 13 वर्षीय बालक चोर-चोर कहकर चिल्लाने लगा और पूरे गाँव में बच्चा चोर की अफवाह फैल गई. उस व्यक्ति को ग्रामीणों ने पकड़कर 112 वाहन की मदद से सिंघोड़ा थाना भेज दिया. आगे उन्होंने बताया कि इस तरह के भ्रामक अफवाहों से पुलिस कर्मी भी बेवजह परेशान हैं.
बिना पुष्टि किए ही सोशल मीडिया में एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में भेज दिया जा रहा है, जो गलत है. इस तरह से अफवाह फैलाकर लोगों में डर पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ भी पुलिस जल्द ही कार्यवाही करेगी.
इसी तरह विगत दिनों बलौदा चैकी अंतर्गत ग्राम नयागाँव में सामान बेचने आए दो लोगों को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया था.