सर्जरी किये बिना ही डॉ. ने किया दस्तावेज पर हस्ताक्षर ! 6 माह के लिए अस्पताल को नहीं मिल पायेगा योजना का लाभ.
गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने के लिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया है. लेकिन कुछ अस्पताल लोगों के हक पर डाका डालने के साथ ही सरकार को भी चूना लगाने का काम कर रहे हैं. मामला है सरायपाली के भारती अस्पताल का जहाँ मरीजों की मजबुरियों का फायदा उठाकर सरकार को चुना लगाते हुए अतिरिक्त रकम लिया जा रहा था. जिसके बाद इस अस्पताल को 6 माह के लिए इस योजना से निलंबित कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना "आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना" में भारती हॉस्पिटल सरायपाली के कुल 5 प्रकरणों पर शिकायतें प्राप्त हुई थी. जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला महासमुंद के द्वारा प्रेषित जांच प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 15 अक्टूबर को सुनवाई आयोजित की गई थी.
लेकिन उक्त स्पष्टीकरण सुनवाई में समिति के सदस्यों को संतोषजनक जवाब प्रतीत नहीं हुआ. जानकारी के अनुसार इस अस्पताल में डॉ प्रवीण शर्मा की अनुपस्थिति में हुई सर्जरी के प्रकरणों के दस्तावेज में डॉ प्रवीण शर्मा के सिल व हस्ताक्षर है तथा हितग्राहियों से भी इलाज के लिए अतिरिक्त राशि लिए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी.
इस वजह से भारती हॉस्पिटल को 6 माह के लिए योजना से निलंबित कर दिया गया है साथ ही निर्देश दिया गया है कि वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत किसी भी नए मरीज को भर्ती ना करें एवं योजना में भर्ती मरीज का पूर्ण इलाज होने पर डिस्चार्ज कर 7 दिवस के भीतर सीईओ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना रायपुर छत्तीसगढ़ को सूचित करने कहा है.