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सहकारी समितियों को कोर्ट से स्टे आर्डर मिलने के उपरांत अध्यक्षों ने अपना कार्यभार किया ग्रहण

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में से 5 संचालक मण्डल को मिला स्टे आर्डर

सरायपाली. शासन के द्वारा साख सहकारी समिति के संचालक मण्डल को भंग कर दिए जाने के बाद अब हाईकोर्ट से सहकारी समितियां स्टे आर्डर ला रही हैं. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के उपरांत सभी सहकारी समितियों को विगत अगस्त माह में भंग कर दिया था. इनमें तो कुछ ऐसे समितियां थीं जहां कुछ ही दिन पहले चुनाव के बाद समिति गठन किया गया था. इनमें सबसे ज्यादा बैचेनी देखी गयी.

शासन के इस फरमान के खिलाफ सहकारी समितियों के संचालक मण्डल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसका निर्णय उनके पक्ष में आ रहा है. सरायपाली विकासखंड में ही 5 सहकारी समितियों को कोर्ट से स्टे आर्डर मिलने के उपरांत अध्यक्षों ने अपना कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है. धान खरीदी के लिए लगभग महीने भर का समय बचा है. विकासखंड के दूसरे समितियों को भी कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है.

प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही समितियों के पुनर्गठन के नाम पर सभी साख सहकारी समितियों के संचालक मण्डल को विगत अगस्त माह में भंग कर दिया गया था. इस आश्चार्यजनक आदेश के खिलाफ प्रदेश सहित विकासखंड के लगभग सभी समितियों ने कोर्ट की शरण ली. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सरायपाली के अंतर्गत 4 साख सहकारी समितियों को कोर्ट से स्टे मिल चुका है. नवरंगपुर समिति के अध्यक्ष सुकलाल पटेल, रिसेकेला के अध्यक्ष तेजराम पटेल, भोथलडीह के अध्यक्ष नारायण नायक तथा सरायपाली से अध्यक्ष उपेन्द्र चैधरी ने अध्यक्ष का कामकाज संभाला.

वहीं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक तोरेसिंहा के अंतर्गत तोरेसिंहा साख सहकारी समितियों में भी अध्यक्ष धनेश्वर भास्कर ने अपना कार्यभार ग्रहण किया. समितियों को कोर्ट से स्टे मिलने के बाद अध्यक्ष सहित सभी संचालक मण्डल उत्साहित नजर आ रहे हैं.

समिति भंग हो जाने के बाद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी डी एस पांडे को इसका प्रभार दिया गया था. इसी तरह नवरंगपुर में भास्कर नायक पर्यवेक्षक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सरायपाली, रिसकेला में बसंत पटेल पर्यवेक्षक तथा सरायपाली में सहकारिता उपनिरीक्षक एम एल कोटक तथा भोथलडीह में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अखिलेश तिग्गा प्राधिकृत अधिकारी के तौर पर कार्यभार संभाल रहे थे.


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