6 माह से सार्वजनिक प्रसाधन बनकर तैयार, नहीं हो रहा है ओपनिंग - CG Sandesh

6 माह से सार्वजनिक प्रसाधन बनकर तैयार, नहीं हो रहा है ओपनिंग

सरायपाली. नगर के कोर्ट एवं तहसील परिसर में लाखों रूपये की लागत से बनाए गए सुलभ शौचालय बनने के 6 माह बाद भी प्रारंभ न होने के कारण विभिन्न कार्यों से वहाँ जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

इसके अलावा नगर के अन्य कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भी शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों को अत्यधिक असुविधाओं का सामना करना पड़ता है.

स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे देश को स्वच्छ रखने के लिए सभी ओर विशेष अभियान चलाये जा रहे हैं. शहर से लेकर गाँव तक जन-जन को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी अभियान के तहत नगर पालिका के द्वारा भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर लाखों रूपये की लागत से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया गया है.

इसी कड़ी में तहसील व कोर्ट परिसर में भी लगभग 6 माह पूर्व से शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है. लेकिन कार्य पूर्ण होने के इतने दिनों बाद भी अब तक वहाँ शौचालय प्रारंभ नहीं किया गया है.

सरायपाली में 3 कोर्ट हैं, जिसमें महीने में एक बार फैमली कोर्ट भी लगती है. कोर्ट परिसर एवं तहसील परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से महिला एवं पुरूष विभागीय कार्य के लिए आते हैं, परन्तु उन्हें शौचालय एवं मुत्रालय के लिए भटकना पड़ता है. कोर्ट परिसर में आने वाले वकील एवं प्रार्थियों को भी विशेषकर महिलाओं को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

वरिष्ठ अधिवक्ता देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि कोर्ट परिसर एवं तहसील समेत आसपास अन्य कार्यालय होने के कारण प्रतिदिन यहाँ सैकड़ों लोग आते हैं. सुलभ शौचालय कई दिनों से बनकर तैयार है, लेकिन उसे प्रारंभ नहीं किया गया है. इसे अतिशीघ्र्र प्रारंभ करने की आवश्यकता है.

इसके अलावा भी नगर में कई महत्वपूर्ण स्थान हैं, जहाँ प्रतिदिन काफी लोगों का आना जाना लगा रहता है. नगर के झिलमिला चैक, दैनिक सब्जी बाजार के पास हजारों लोगों की आवाजाही होती है. आस-पास सुलभ शौचालय न होने के कारण यहाँ भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें