विभाग ने काटी बिजली, लालटेन के सहारे ग्रामीण
तीन दिनों से गाँव में छाया है अंधेरा, इलेक्ट्रिक सामान बने शो-पीस
पेयजल के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण
सरायपाली. ग्राम लोहरिनडीपा एवं टीपा के ग्रामीणों द्वारा विगत डेढ़ वर्ष से बिजली बिल का भुगतान न किए जाने के कारण विभाग द्वारा दोनों गाँवों की बिजली काट दी गई है. दोनों गाँवों का 28 लाख रूपये का बिजली बिल बकाया है.
सरपंच के माध्यम से गाँव के उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने बकाया बिल चुकाने में रूचि नहीं दिखाईं, जिसके कारण बिजली विभाग द्वारा विगत 3 दिनों से पूरे गाँव की बिजली काट दी गई है. पूरे गाँव में अंधेरा छा गया है और ग्रामीणों को कई तरह के समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है.
जानकारी अनुसार सरायपाली डिविजन के अंतर्गत ग्राम लोहरिनडीपा के 101 उपभोक्ताओं का 12 लाख 27 हजार 419 रूपये एवं टीपा के 82 उपभोक्ताओं का 16 लाख 30 हजार 640 रूपये का बिजली बिल बकाया है. जिसके लिए बिजली विभाग द्वारा सरपंच के माध्यम से बिल पटाने के लिए उपभोक्ताओं के पास नोटिस भेजा गया था, लेकिन नोटिस भेजने के बावजूद भी किसी तरह का बकाया राशि जमा न होने पर विभाग द्वारा मजबूरी वश विगत 27 सितंबर से दोनों गाँवों की बिजली काट दी गई है. दिन में तो ग्रामीणों को बिजली कटौती से कुछ विशेष समस्या नहीं हो रही है, लेकिन रात के समय पूरे गाँव में अंधेरा छा जाता है.
लालटेन के सहारे ग्रामीण तीन दिनों से रात गुजार रहे हैं. इसके अलावा पेयजल की भी समस्या हो रही है. वहीं सभी प्रकार के विद्युत उपकरण भी शो-पीस बन गए हैं. कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि उनका बिजली बिल प्रतिमाह पटता है, लेकिन उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणों को 50 प्रतिशत बिजली बिल पटाने के लिए विभाग द्वारा प्रेरित किया जा रहा है, इसके अलावा बिजली बिल हाफ योजना का लाभ लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है.
लेकिन ग्रामीण शासन की इस योजना का लाभ लेने के लिए भी आगे नहीं आ रहे हैं. कसलबा एवं देवलभांठा में भी विगत दिनों पूरे गाँव की बिजली की कटौती हुई थी, लेकिन राशि जमा करने के उपरांत पुनरू विद्युत सप्लाई चालू कर दिया गया था. लेकिन लोहरिनडीपा एवं टीपा में तीन दिन तक बिजली कटौती होने के बावजूद ग्रामीण पुनरू बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं.
बकाया राशि जमा करने पर ही होगी आपूर्ति बहाल
इस संबंध में बिजली विभाग के सहायक यंत्री श्री गजभिये से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जब तक ग्रामीणों द्वारा बकाया राशि जमा नहीं किया जाएगा, तब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी. अभी तक कोई भी ग्रामीण बकाया बिल जमा करने अथवा बिजली चालू करवाने के लिए कार्यालय नहीं पहुँचे हैं.