सरायपाली : बीजेपी मंडल अध्यक्षों के पदों पर इन कार्यकर्ताओं ने दिखाई दावेदारी
सरायपाली। सदस्यता अभियान के बाद मौजूदा टीम का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब भाजपा कार्यकर्ताओं में संगठन चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने लगी है। तथा वर्तमान एवं पूर्व मंडल अध्यक्षों सहित बड़े नेताओं के निवास में संभावित दावेदारों की चहलकदमी देखी जा रही है। चुंकी छत्तीसगढ़ में इस बार भाजपा विपक्ष में है ऐसे में मंडल अध्यक्ष के लिए दावेदारों की संख्या कम होने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि 6 जुलाई से 20 अगस्त तक भाजपा कार्यकर्ता सदस्यता अभियान में गांव गांव तक पंहुचे । केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार 11 से 30 सितंबर तक बुथ अध्यक्ष तथा बुथ समिति सदस्यों का चुनाव, 11 से 31 अक्टूबर तक मंडल अध्यक्ष चुनाव एवं मंडल स्तर पर समितियों का गठन किया जाना है। जबकि 11 से 30 नवंबर तक जिलाध्यक्ष व प्रदेश परिषद सदस्यों का चुनाव, तथा 1 से 15 दिसंबर तक प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का चुनाव होना है। इसी दौरान सक्रिय सदस्यता अभियान भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरा कर लिया गया है। पत्र के अनुसार हर चरण के बीच 10 दिन का अंतर शिकायत निवारण और अगले चरण की तैयारी के लिए रखा गया है ।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंडल चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी तय हो चुके हैं, हालांकि भाजपा संगठन अभी इस सूची को सार्वजनिक नहीं कर रहा है। भरोसेमंद सूत्र बताते है कि सरायपाली विधानसभा के अंतर्गत सरायपाली, केदुवां, बलौदा और भंवरपुर मंडल आते हैं। पिछले तीन बार से सदस्यता अभियान की कमान सम्हाल रहे विद्याचरण चौधरी इस बार भंवरपुर मंडल अध्यक्ष हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि विद्या चौधरी को मंडल अध्यक्ष के रुप में जिम्मेदारी मिल सकता है। जानकारों की माने तो पिछली दफा श्री चौधरी मंडल अध्यक्ष बनते बनते रह गए थे। बाद में उन्हें किसान मोर्चा का जिला महामंत्री बनाकर उनकी नाराजगी दूर की गई। वैसे इस बार मंडल महामंत्री गुलाब किशोर स्वर्णकार भी मंडल अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे हैं, हांलाकि उनके उम्र दराज होने और विपक्ष की भूमिका निभाने में उनकी उम्र आड़े आ सकती है इस लिहाज से उनकी दावेदारी मजबूत नहीं मानी जा सकती।
अन्य दावेदारों में किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कृष्णकुमार नायक का नाम भी चर्चा मे है। यदि किसी कारणवश भंवरपुर मंडल अध्यक्ष के लिए महिलाओं को जिम्मेदारी देने की नौबत आती है तो पूर्व जिला पंचायत सदस्य, महिला मोर्चा की जिला महामंत्री और आदिवासी नेत्री देवकी दीवान भी एक मजबूत दावेदार हो सकती हैं। हांलाकि महिला वर्ग से एक नाम जिला पंचायत सदस्य सरस्वती देवधर चौहान का भी है। वे विधानसभा चुनाव में सरायपाली विधानसभा से टिकट की दौड़ में शामिल रही हैं। विदित हो कि भंवरपुर क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की बाहुल्यता है इस लिहाज से इन वर्गों के कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
वैसे भंवरपुर मंडल के नए अध्यक्ष के लिए इस बार चुनौती कम नहीं है। क्योंकि एक तो छत्तीसगढ़ में भाजपा विपक्ष में है , ऐसे में किसी युवा चेहरे को नेतृत्व मिले तो उसे कार्यकर्ताओं में सक्रियता बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी । विपक्ष को सरकार के खिलाफ रोज कोई न कोई आंदोलन, धरना प्रदर्शन, चक्काजाम जैसी गतिविधियां करनी होगी। तो वहीं भंवरपुर मंडल सरायपाली विधानसभा के सबसे कमजोर के रूप में चिन्हांकित है। आंकड़ों पर गौर करें तो यहां से भाजपा वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में ही भंवरपुर मंडल में कांग्रेस से आगे रही है। जबकि वर्ष 2008 के विधानसभा, 2009 के लोकसभा, 2014 लोकसभा में लगातार भाजपा इस क्षेत्र से पिछे रही।
वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां हार का अंतर काफी बढ़ गया था, हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी मैजिक के चलते जरुर कांग्रेस की जीत का अंतर कम रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भंवरपुर क्षेत्र मूल रूप से कांग्रेस वोट बैंक वाला क्षेत्र है, फिर भी भाजपा को इस क्षेत्र में अच्छा खासा वोट मिल जाता है। नए मंडल अध्यक्ष के सामने भंवरपुर क्षेत्र में भाजपा का वोट शेयर बढ़ाने की चुनौती भी होगी। कहा जा सकता है कि भंवरपुर मंडल अध्यक्ष का ताज कांटों भरा होगा। अब यह ताज किसके सर पर सजेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
वहीं सरायपाली मंडल से दासरथी यदु सहित कुछ और कार्यकर्ताओं के नाम चर्चा मे है। जबकि समरलाल बरिहा का नाम केदुवाँ मण्डल से संभावित दावेदार के रूप में सामने आया है। बलौदा मंडल अध्यक्ष के लिए सत्यप्रकाश साहु कुसमीसरार, नरेन्द्र प्रधान कसलबा, उमाकांत मिश्रा पुटका, विजय प्रधान अंतर्ला, धर्मेंद्र एवं प्रदीप साहू केसराटाल के नामों की चर्चा है। इनमें किसके सर पर मंडल अध्यक्ष का ताज सजेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। इधर खबर तो यह भी है कि केदुवां मंडल अध्यक्ष कामता पटेल, सरायपाली मंडल अध्यक्ष भवानी शंकर चौधरी के जिला पदाधिकारियों की दौड़ में शामिल होने की चर्चा राजनीतिक गलियारे में है।
सरायपाली। सदस्यता अभियान के बाद मौजूदा टीम का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब भाजपा कार्यकर्ताओं में संगठन चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने लगी है। तथा वर्तमान एवं पूर्व मंडल अध्यक्षों सहित बड़े नेताओं के निवास में संभावित दावेदारों की चहलकदमी देखी जा रही है। चुंकी छत्तीसगढ़ में इस बार भाजपा विपक्ष में है ऐसे में मंडल अध्यक्ष के लिए दावेदारों की संख्या कम होने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि 6 जुलाई से 20 अगस्त तक भाजपा कार्यकर्ता सदस्यता अभियान में गांव गांव तक पंहुचे । केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार 11 से 30 सितंबर तक बुथ अध्यक्ष तथा बुथ समिति सदस्यों का चुनाव, 11 से 31 अक्टूबर तक मंडल अध्यक्ष चुनाव एवं मंडल स्तर पर समितियों का गठन किया जाना है। जबकि 11 से 30 नवंबर तक जिलाध्यक्ष व प्रदेश परिषद सदस्यों का चुनाव, तथा 1 से 15 दिसंबर तक प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का चुनाव होना है। इसी दौरान सक्रिय सदस्यता अभियान भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरा कर लिया गया है। पत्र के अनुसार हर चरण के बीच 10 दिन का अंतर शिकायत निवारण और अगले चरण की तैयारी के लिए रखा गया है ।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंडल चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी तय हो चुके हैं, हालांकि भाजपा संगठन अभी इस सूची को सार्वजनिक नहीं कर रहा है। भरोसेमंद सूत्र बताते है कि सरायपाली विधानसभा के अंतर्गत सरायपाली, केदुवां, बलौदा और भंवरपुर मंडल आते हैं। पिछले तीन बार से सदस्यता अभियान की कमान सम्हाल रहे विद्याचरण चौधरी इस बार भंवरपुर मंडल अध्यक्ष हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि विद्या चौधरी को मंडल अध्यक्ष के रुप में जिम्मेदारी मिल सकता है। जानकारों की माने तो पिछली दफा श्री चौधरी मंडल अध्यक्ष बनते बनते रह गए थे। बाद में उन्हें किसान मोर्चा का जिला महामंत्री बनाकर उनकी नाराजगी दूर की गई। वैसे इस बार मंडल महामंत्री गुलाब किशोर स्वर्णकार भी मंडल अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे हैं, हांलाकि उनके उम्र दराज होने और विपक्ष की भूमिका निभाने में उनकी उम्र आड़े आ सकती है इस लिहाज से उनकी दावेदारी मजबूत नहीं मानी जा सकती।
अन्य दावेदारों में किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कृष्णकुमार नायक का नाम भी चर्चा मे है। यदि किसी कारणवश भंवरपुर मंडल अध्यक्ष के लिए महिलाओं को जिम्मेदारी देने की नौबत आती है तो पूर्व जिला पंचायत सदस्य, महिला मोर्चा की जिला महामंत्री और आदिवासी नेत्री देवकी दीवान भी एक मजबूत दावेदार हो सकती हैं। हांलाकि महिला वर्ग से एक नाम जिला पंचायत सदस्य सरस्वती देवधर चौहान का भी है। वे विधानसभा चुनाव में सरायपाली विधानसभा से टिकट की दौड़ में शामिल रही हैं। विदित हो कि भंवरपुर क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की बाहुल्यता है इस लिहाज से इन वर्गों के कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
वैसे भंवरपुर मंडल के नए अध्यक्ष के लिए इस बार चुनौती कम नहीं है। क्योंकि एक तो छत्तीसगढ़ में भाजपा विपक्ष में है , ऐसे में किसी युवा चेहरे को नेतृत्व मिले तो उसे कार्यकर्ताओं में सक्रियता बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी । विपक्ष को सरकार के खिलाफ रोज कोई न कोई आंदोलन, धरना प्रदर्शन, चक्काजाम जैसी गतिविधियां करनी होगी। तो वहीं भंवरपुर मंडल सरायपाली विधानसभा के सबसे कमजोर के रूप में चिन्हांकित है। आंकड़ों पर गौर करें तो यहां से भाजपा वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में ही भंवरपुर मंडल में कांग्रेस से आगे रही है। जबकि वर्ष 2008 के विधानसभा, 2009 के लोकसभा, 2014 लोकसभा में लगातार भाजपा इस क्षेत्र से पिछे रही।
वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां हार का अंतर काफी बढ़ गया था, हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी मैजिक के चलते जरुर कांग्रेस की जीत का अंतर कम रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भंवरपुर क्षेत्र मूल रूप से कांग्रेस वोट बैंक वाला क्षेत्र है, फिर भी भाजपा को इस क्षेत्र में अच्छा खासा वोट मिल जाता है। नए मंडल अध्यक्ष के सामने भंवरपुर क्षेत्र में भाजपा का वोट शेयर बढ़ाने की चुनौती भी होगी। कहा जा सकता है कि भंवरपुर मंडल अध्यक्ष का ताज कांटों भरा होगा। अब यह ताज किसके सर पर सजेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
वहीं सरायपाली मंडल से दासरथी यदु सहित कुछ और कार्यकर्ताओं के नाम चर्चा मे है। जबकि समरलाल बरिहा का नाम केदुवाँ मण्डल से संभावित दावेदार के रूप में सामने आया है। बलौदा मंडल अध्यक्ष के लिए सत्यप्रकाश साहु कुसमीसरार, नरेन्द्र प्रधान कसलबा, उमाकांत मिश्रा पुटका, विजय प्रधान अंतर्ला, धर्मेंद्र एवं प्रदीप साहू केसराटाल के नामों की चर्चा है। इनमें किसके सर पर मंडल अध्यक्ष का ताज सजेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। इधर खबर तो यह भी है कि केदुवां मंडल अध्यक्ष कामता पटेल, सरायपाली मंडल अध्यक्ष भवानी शंकर चौधरी के जिला पदाधिकारियों की दौड़ में शामिल होने की चर्चा राजनीतिक गलियारे में है।