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राशन दुकान में जगह-जगह पड़ी दरारें, कभी भी हो सकता है गंभीर हादसा

कई वर्षों से नये भवन की हो रही है मांग

सरायपाली. नगर के वार्ड नं. 3 में स्थित शासकीय राशन दुकान विगत 4 वर्षों से अत्यधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गया है. यहाँ से 7 वार्डों के 1500 उपभोक्ताओं को राशन का वितरण किया जाता है. यह भवन सन् 1962 से संचालित है. अधिक पुराना होने के कारण कई वर्षों से नया भवन निर्माण की मांग की जा रही है. वर्तमान में इसके छत का प्लास्टर उखड़ गया है एवं दीवारों में बड़े-बड़े दरार पड़ जाने के कारण कभी भी भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है.

जानकारी अनुसार बस स्टैण्ड के पास स्थित फुलझर सहकारी विपणन संस्था सरायपाली (राशन दुकान) का संचालन विगत 57 वर्षों से हो रहा है. जिसमें दो कमरा, एक कार्यालय एवं एक गोदाम है. यह भवन सन् 2015 से अति जर्जर स्थिति में पहुँच गया है. समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा नए भवन की मांग भी की जा रही है. बरसात के दिनों में भवन के अंदर राशन रखने में सबसे अधिक समस्या होती है.

पानी रिसने से चावल, शक्कर, नमक आदि के खराब होने का खतरा भी समिति के लोगों को सताते रहता है. राशन दुकान से वार्ड क्र.1,2,3,4,10,11 एवं 12 के लोगों को राशन सामग्रियों का वितरण किया जाता है. राशन दुकान तक का पहुँच मार्ग भी कीचड़मय हो गया है, जिससे राशन लेने में उपभोक्ताओं को भी समस्या का सामना करना पड़ता है. किसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण जर्जर भवन में ही दूकान संचालित करने के लिए मजबूर हैं.

यहाँ एक बार में लगभग 1 लाख रूपये के राशन का भंडारण होता है. अगर कभी बारिश के आने से भवन धँस जाये तो 7 वार्ड के 1500 उपभोक्ताओं को राशन से वंचित होना पड़ सकता है. हालांकि अभी तक किसी तरह की हानि नहीं हुई है, लेकिन जगह-जगह लेंटर का प्लास्टर गिर गया है. भवन की स्थिति को देखने से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है, कि वह भवन कभी भी भरभराकर गिर सकता है.

शहर के ही राशन दुकान में इस तरह की स्थिति है जो ग्रामीण अंचलों में किस तरह से राशन दुकान संचालित हो रहा होगा, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है. इस ओर किसी भी जन प्रतिनिधि का ध्यान अब तक नहीं गया है, जबकि उक्त भवन का उपयोग प्रतिमाह शहर के 7 वार्ड के निवासियों के लिए होता है.

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