आजादी के बाद से अब तक रेल बना क्षेत्रवासियों के लिए सपना. - CG Sandesh

आजादी के बाद से अब तक रेल बना क्षेत्रवासियों के लिए सपना.

15 साल बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद सराईपाली को जिला बनाने के अलावा सराईपाली बसना पिथौरा की बरसों पुरानी मांग रेल के लिए उम्मीद लगा रहें है. क्षेत्रवासियों का ये सपना लम्बे अरसे सन 1984 से चला आ रहा है. लेकिन काम केवल सर्वे की फाइलों में ही अटका रह जाता है. जबकि भारत अब आजादी का 73 वाँ स्वतंत्रता दिवस मना चूका है.

जबकि रायपुर-धमतरी छोटी रेल लाइन का कार्य अंग्रेजों के ज़माने में सन 1896 में शुरू हुआ था. जिसे पूरा होने में केवल पांच वर्षों का समय लगा. 45.74 मील लगभग 75 किलोमीटर की यह रेल लाइन 1901 तक बनकर तैयार हो चूका था. जबकि सरायपाली क्षेत्र के लोग आजादी मिलने के वर्षों बाद तक इसका इंतज़ार कर रहें है.  


आजादी के बाद से अब लगभग 7 लाख लोग इस सुविधा से वंछित रहने की वजह से निजी बसों में लगातार महंगे सफ़र करने को मजबूर है. रेल मार्ग में ना होने से क्षेत्र के लोगों की समय एवं धन दोनों बर्बाद हो रहा है. वहीं इस सुविधा का लाभ उठाने लोग वर्षों से बेसब्री में इसके इंतजार में है.

जिसमे महासमुंद से बरगढ़, तुमगांव, पटेवा, पिथौरा और सरायपाली के रास्ते रेल लाइन बिछाने का जिक्र किया जाता है. मगर अब तक रेल मार्ग के लिए कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है. जबकि अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल सरायपाली से निर्वाचित थे.

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