सड़क बना गोठान, मवेशी कर रहे हैं दुर्घटना को आमंत्रित, पशुपालक पशुओं को लेने में नहीं दिखा रहे हैं रूचि.
सरायपाली. खेतों में खरीफ फसल के लगते ही शहर के मुख्य मार्ग पर आवारा मवेशी अपना बसेरा डाल दिए हैं. बरसात माह शुरू होते ही हर वर्ष की भांति आवारा मवेशी सड़क पर ही दिन रात मंडराते रहते हैं. जिससे आने-जाने वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कुछ ही दिनों में शहर के आसपास खेतों में लगे धान, मूंगफली एवं अन्य खरीफ फसल लहलहाने लगेंगे एवं आवारा मवेशियों से उन फसलों को भी नुकसान का खतरा बना रहेगा. आवारा मवेशियों की बड़ी संख्या के कारण शहर के आसपास के किसान भी परेशान हैं. कई बार इन मवेशियों के कारण यातायात भी बाधित होते रहा है. साथ ही दुर्घटना का भय भी बना रहता है. बीच सड़क में मवेशियों की मौजूदगी के कारण ये अघोषित ब्रेकर बने हुए हैं.
सुबह से लेकर रात तक आवारा मवेशियों को शहर के सभी मार्गों में देखा जा सकता है. शहर में आवारा मवेशियों से निजात पाने के लिए नगरपालिका द्वारा कई तरह के प्रयास किए जाते हैं. लेकिन पुनरू प्रति वर्ष आवारा मवेशियों की स्थिति पूर्व की भांति बन जाती है. खरीफ फसल लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पशु पालक अपने-अपने पशुओं को बांधकर घरों में उनके चारे आदि का प्रबंध करते हैं.इसकेअलावा कई जगहों में सामूहिक रूप से चरवाहों के माध्यम से भी मवेशियों को चरवाया जाता है. लेकिन चरवाहे की व्यवस्था नहीं होने के कारण मवेशी सड़क पर नजर आ रहे हैं. शहर में आवारा मवेशियों को रखने के लिए कांजी हाऊस भी बनाया गया है. यहां पर कुछ दिन तक मवेशियों को रखा जाता है इसके बाद जब मुनादी करवायी जाती है तो पशु पालक ही मवेशियों को लेने नहीं पहुंचते. इसके कारण उनको कई महीनों तक रखना मुश्किल हो जाता है.नई मण्डी पर मवेशियों को रखने के लिए प्रशासन से मांगी गई है अनुमति -अध्यक्ष
इस संबंध में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती चंद्रकुमार पटेल से पूछे जाने पर बताया कि नपा द्वारा नए मण्डी के पीछे एवं पुरानी बस्ती में कांजी हाउस बनाया गया है, जहाँ क्षमता से दुगुने पशुओं को रखा गया है. सड़क में घूमने वाले मवेशियों को हटाने के लिए भी दो लोगों को रखा गया है. उनके द्वारा मवेशियों को हटाया तो जाता है, लेकिन एक-दो घण्टे के बाद पुनरू वापस आ जाते हैं. कांजी हाउस के मवेशियों को चराने के लिए चरवाहे की भी व्यवस्था की गई है, जो सुबह चराने के लिए ले जाते हैं एवं शाम को वापस कांजी हाउस ले आते हैं.
उन्होंने बताया कि स्थानीय मवेशी बाजार के पास गोठान बनाने के लिए जगह आरक्षित किया गया है और गोठान बनने के पूर्व नई मण्डी परिसर में शेड के नीचे पशुओं को रखने के लिए प्रशासन से मांग की गई है. यदि इसकी अनुमति मिल जाती है तो आवारा घूमने वाले सभी मवेशी एक ही छत के नीचे आ जायेंगे और शहर वासियों को मवेशियों से होने वाली परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा.
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