संगीत के क्षेत्र में कैरियर बनाने का अवसर अब सरायपाली में भी... - CG Sandesh

संगीत के क्षेत्र में कैरियर बनाने का अवसर अब सरायपाली में भी, बसना एवं सरायपाली में लगती हैं संगीत की कक्षाएँ.

सरायपाली. संगीत के क्षेत्र में कैरियर बनाने वालों के लिए खुशी की खबर है कि अब सरायपाली में भी संगीत में स्नातक तक की पढ़ाई कर कैरियर बना सकते हैं. विगत वर्ष से महलपारा में संगीत महाविद्यालय प्रारंभ किया गया है, जिसकी एक शाखा बसना में भी संचालित की जा रही है. यहाँ कक्षा 6वीं से लेकर स्नातक तक के लिए

इन दिनों प्रवेश भी प्रारंभ हो गया है. जानकारी अनुसार संगीत महाविद्यालय 40 किलोमीटर के दायरे में दिया जाता है. लेकिन सरायपाली वासियों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि जिले में एकमात्र महाविद्यालय, स्व. राजा वीरेन्द्र बहादुर संगीतालय शुरू किया गया है, जो माँ वीणापाणी संगीत महाविद्यालय प्रयाग(इलाहाबाद) से संबद्ध है एवं विगत वर्ष से यहाँ संचालित है.

सरायपाली में संगीत प्रशिक्षण प्रत्येक रविवार को एवं बसना शाखा में शनिवार को दिया जाता है. इस महाविद्यालय में तबला, गायन, वायलिन, सितार एवं भजन संगीत(भाव संगीत), बाँसुरी व कत्थक विषय का पंजीयन हो चुका है. वर्तमान में तबला, गायन, वायलिन की कक्षाएँ संचालित हो रही हैं. पूर्व में यहाँ के विद्यार्थी संगीत की पढ़ाई के लिए रायपुर, खैरागढ़ एवं रायगढ़ के अलावा अन्य क्षेत्रों में अध्ययन के लिए जाते थे. सरायपाली में विज्ञान, कला, वाणिज्य के बाद अब संगीत में भी स्नातक की कक्षाएँ संचालित हो रही है.

संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य एस एन चैहान ने चर्चा में बताया कि स्नातक के लिए 6 वर्ष की पढ़ाई करनी पड़ती है. प्रथम वर्ष में छात्र मुख्य परीक्षा सामान्य कला एवं प्रायोगिक परीक्षा देते हैं. द्वितीय वर्ष में जूनियर डिप्लोमा, तृतीय वर्ष में मुख्य एवं प्रायोगिक परीक्षा, चतुर्थ वर्ष में सीनियर डिप्लोमा, पंचम वर्ष में मुख्य एवं प्रायोगिक परीक्षा एवं षष्टम वर्ष में संगीत में बीए स्नातक पूर्ण होता है.

प्रचार प्रसार के अभाव में अभी भी क्षेत्र के संगीत में रूचि लेने वाले छात्र अन्य जगहों पर पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन विगत वर्ष से यहाँ भी संगीत महाविद्यालय प्रारंभ होने के बाद इस वर्ष प्रवेश प्रारंभ होने के प्रारंभिक दौर में ही जोर-शोर से प्रचार प्रसार जारी है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष संगीत में रूचि लेने वाले विद्यार्थी ज्यादा लाभान्वित होंगे.

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