घर में घुसकर पिस्तौल दिखाकर डकैती करने वाले 4 आरोपियों को 10 साल और 3 को 7 साल की सजा.
1 अक्टूबर 2017 में सरायपाली थाना अंतर्गत झिलमिला शास्त्री नगर पेट्रोल पम्प के सामने ट्रांसपोर्टिंग का काम करने वाले लालचंद अग्रवाल अग्रवाल के यहाँ डकैती की वारदात हुई थी. जिसमे 4 आरोपियों को 10 साल और 3 आरोपियों को 7 साल की सजा सुनाई गई है.
गौरतलब है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले उसी के रिश्तेदार थे और बिहार से कुछ लोगों को बुलवाकर इस घटना को अंजाम दिया था. जिसमें पुलिस ने 15 दिन के अंदर ही मामले से जुड़े चार आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले का खुलाशा किया था.जानकारी के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश ने मामले में सभी आरोपियों को मामले में दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई है. इसके अलावा दोषियों को अर्थदंड भी भरना होगा. अर्थ दंड नहीं देने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भूगतनी पड़ेगी. 20 अगस्त 2019 सरायपाली अपर सत्र न्यायाधीश मानवेंद्र सिंह ने हरेश्वर सिंह, अंकित कश्यप, अशोक अग्रवाल और राठी सिंह को मामले में दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है जबकि अरविन्द डालमिया, राहुल अग्रवाल और गुड्डू सिंह को 7-7 वर्ष की सजा सुनाई है.
क्या था मामलादरअसल 1 अक्टूबर 2017 को लालचंद अग्रवाल ने सरायपाली थाना को उसके यहाँ डकैती होने की सुचना दी. लालचंद अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि सुबह लगभग 06:00 बजे नींद खुली तो उसकी बेटी के कमरे में आलमारी खोल रही थी. यह देखकर जब लालचंद ने अपनी बेटी से क्या कर रही हो पूछा तो इतने में एक अज्ञात आरोपी द्वरा हाथ में पिस्टल रखकर लालचंद के सीने पर टिका दिया गया. और उससे सोने के बिस्कीट की मांग की गई.
लालचंद अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि जो लोग इस घटना को अंजाम से रहे थे उन लोगों के बोलने का अंदाज झारखण्डी और बिहार भाषा की तरह था. जिनके द्वारा उसे पिस्टल दिखाकर आलमारी में रखे सोना करीब 400 ग्राम, चांदी के जेवर करीबन 1 किलो, नगदी रकम 3 लाख व मोबाईल 08 नग लुट लिया गया.उसके बाद लुटेरों ने लालचंद और उसके परिवार के लोगों को एक कमरे में बंद करके बोले कि 10 मिनट बाद दरवाजा खोलना नहीं तो जान से मार देंगें कहकर धमकी देकर सारे सामान को लेकर वहां से चले गए. लालचंद ने पुलिस को बताया था कि इस घटना को पांच लोगों ने अंजाम दिया था. जिनके द्वारा पिस्तौल और चाकू लेकर घर के अंदर घुसा गया था.
जिसके बाद पुलिस ने चार डकैत अंकित कश्यप, अरविन्द डाल मिया, राहुल अग्रवाल और हरेश्वर सिंह को रायगढ़ से गिरफ्तार किया और 14 अक्टूबर 2017 को मामले का खुलाशा किया. इस समय मामले का मास्टर माइंड अशोक अग्रवाल फ़रार था और पुलिस को डकैतों से 31 हजार नगद सहित 2 जिंदा कारतूस और 1 देशी पिस्टल मिले थे. पुलिस ने 1 अक्टूबर को सरायपाली के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी लालचंद अग्रवाल के घर दिनदहाड़े हुई 9 लाख के डकैती के मामले को क्राइम ब्रांच और सरायपाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने 15 दिन में सुलझा दिया था.