लावारिश सड़क पर गिरी पेड़ ! तमाशा देखते अधिकारी ! - CG Sandesh

लावारिश सड़क पर गिरी पेड़ ! तमाशा देखते अधिकारी !

8 अगस्त की दोपहर 3 बजे बसना नगर के मुख्य मार्ग पर दशकों पुराना एक पेड़ गिर गया. मगर यह पेड़ गिरने के बाद यहाँ के अधिकारीयों की कार्यशैली के प्रति प्रश्न चिन्ह लगा गया. इस पेड़ के गिरने के बाद अब यह लगने लगा है कि बसना का मुख्य मार्ग अब लावारिश हो चूका है. तीन दिन से बसना शहर के मुख्य मार्ग में पड़े इस पेड़ को अब तक किसी ने नहीं हटाया है. क्योंकि जो अधिकारी यहाँ दिखते है उनके कार्यक्षेत्र में यह सड़क नहीं आती है. और जिनके कार्यक्षेत्र में आती है उसका किसी को नाम भी नहीं पता. मगर ये हालात यहाँ के नगरवासियों की सचाई है.

बीते दिनों इसी सड़क में सरायपाली में पानी भरे रहने के कारण कलेक्टर, एसडीएम, और जनप्रतिनिधियों ने पत्र भी भेजा मगर वह पत्र किसके संज्ञान में आया और क्या कार्रवाही हुई यह प्रश्न का विषय है. मगर जानकारी में अनुसार यह सड़क अब तक नेशनल हाईवे के द्वारा लोक निर्माण विभाग अथवा निकाय को हस्थानंतरित नहीं किया गया है जिसके चलते नगरवासी परेशान है.          

रोजाना हजारों वाहनों से टोल वसूल करने वाला नेशनल हाईवे रोड की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहा है. सरायपाली और बसना में नगर के बहार से फ़ोर लेन की सड़क बनने के बाद इन नगर के अंदर की सड़कों को लावारिश की तरह छोड़ चूका है. नेशनल हाईवे के इस लापरवाही के कारण इन नगरों से गुजरने वाले हजारों की संख्या में लोग रोजाना परेशान है.

नेशनल हाईवे का यह रवैया अब सबके सामने उजागर हो चूका है. सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इस हाईवे के बारें में किससे शिकायत किया जाए यह भी समझ से परे है. इस हाईवे की जिम्मेदारी उठाने वाले अधिकारी ना कभी दिखते है ना ही उनसे कोई संपर्क कर पाता है.

ठेकेदार के भरोषे छोड़े गए इस नेशनल हाइवे में ठेकेदार केवल टोल वसूली करने में ही व्यस्त है. ऐसा लगता है नेशनल हाइवे के अधिकारी भी अब सो चुके है इन छोटे शहरों की दुर्दशा पर अब तक ठेकेदार पर कोई कार्रवाही नहीं की गई है. ये ठेकेदारों का कारनामा केवल यहाँ तक सीमित नहीं है. महासमुंद जिले में ऐसे कई गाँव है जहाँ रोड में मुरुम डालने के लिए कितने ही तालाबों की दुर्दशा कर दी है यह गिन पाना भी मुश्किल है.

जिन तालाबों की उन्होंने दुर्दशा की वहां लोग मौत के घाट उतारने के बावजूद उसे कभी पाटने की कोशिश भी इनके द्वारा नहीं की गई. आये दिन ऐसे कई तालाबों में मौत का डर लोगों को सताता रहता है. ऐसा भी नहीं है कि नेशनल हाइवे की सकड़ का इस्तेमाल करते हुए यहाँ के लोग टोल नहीं देते मगर बावजूद इसके अपनी चारों उंगलिया घी में डालकर नेशनल हाइवे यहाँ के क्षेत्रीय लोगों को सुविधा देने से बच रहा है.

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वन विभाग के सीमा में यह नहीं आता है आप लोक निर्माण विभाग या नेशनल हाईवे कार्यालय के पास जाएं

आर बसंत बसना रेंजर

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बरगद का पेड़ गिरा है सनज्ञान में आया है परंतु यह सड़क लोक निर्माण विभाग को हैंड ओवर नहीं हुआ है आप नगर पंचायत से संपर्क करें

प्रफुल्ल कुमार होता समय स्थल सहायक लोनिवि बसना


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हमारे पास संसाधनों का अभाव है बसना नगरवासियों जन सहयोग से ही पेड़ को सड़क के मध्य से हटाया जा सकता मैं कर्मचारियों से संपर्क करता हूं कि उसे हटाने की प्रक्रिया करें

---दिनेश यादव सीएमओ नपं बसना



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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