शौचालय में गए सरपंच ! भौतिक सत्यापन के लिए पहुँची जनपद की टीम, एसडीएम ने किया निलंबित
सरायपाली. गांव को ओडीएफ बनाने की होड़ में ग्राम दर्राभांठा के सरपंच ने अपात्रों को भी पात्र बना कर शौचालय का निर्माण करवा दिया है. इसके अलावा कई शौचालय तो केवल कागजों में ही बना दिए गए हैं.
शासन के द्वारा स्वीकृत 201 शौचालयों की राशि भी जनपद के माध्यम से पंचायत को जारी हो चुकी है. इसके बावजूद स्वयं के व्यय से बनाए गए शौचालय की राशि जब हितग्राहियों को नहीं मिली तब जाकर मामले का खुलासा हुआ. इस अनियमितता के लिए सरपंच को निलंबित कर उपसरपंच को ग्राम का प्रभार दिया गया है.
ग्रामीण सुकांति बारिक, बसंती प्रधान, भूमिसुता देहरी, उत्तरा सवरा,रेशमवती पटेल, गौरी पटेल, बेलमोती चैधरी, हाराबाई, उकिया, जयंती पांडे, गजाधर बाघ आदि ने नवभारत को चर्चा में बताया कि उनके द्वारा
स्वयं के राशि से शौचालय का निर्माण किए गया है, लकिन उन्हें 3 साल बाद भी आज पर्यंत तक शौचालय निर्माण की राशि प्राप्त नहीं हुई है.
वहीं गांव के अधिकांश शौचालय अभी तक अधूरे पड़े हैं, जबकि सभी हितग्राहियों की राशि सरपंच के द्वारा आहरण कर लिया गया है. शौचालय अधूरे होने के कारण ग्रामीण बानीगिरोला एवं बोंदा मार्ग में खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं.
हितग्राहियों के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं अनुविभागीय अधिकारी से इसकी लिखित शिकायत की गई है. ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम के द्वारा जनपद पंचायत को स्थल निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करने के लिए निर्देशित किया गया. जनपद के कर्मचारियों की एक टीम मामले की जाँच के लिए गाँव पहुँची और उनके द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया. जहाँ पर उन्होंनेपाया कि 118 शौचालय अधूरे एवं जर्जर हालत में पड़े हुए थे, जिसे अल्टीमेटम देकर जल्द पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया.
इसके बावजूद उच्चाधिकारियों के इस निर्देश का सरपंच पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ा, जिससे उच्चाधिकारियों ने सरपंच को निलंबित कर दिया और उन्हें 3 माह के अंदर कार्य को पूर्ण करने की हिदायत दी. वर्तमान में सरपंच के स्थान पर उपसरपंच को प्रभार दिया गया है.
201 शौचालय में से 118 अपूर्ण
भौतिक सत्यापन के लिए पहुँचे जनपद की टीम ने चर्चा में बताया कि पूर्व में शौचालय निर्माण में अनियमितता बरते जाने के कारण सरपंच को निलंबित किया गया है और भौतिक सत्यापन के लिए आज टीम गठित कर गांव में सर्वे कर रही है. ग्राम पंचायत को सभी पात्र हितग्राहियों के लिए राशि जारी हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है. गांव में 201 हितग्राहियों का स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय स्वीकृत हुआ था जिसमें से 118 अपूर्ण था.
राशि प्राप्त होने के बावजूद हितग्राही कर रहे हैं शिकायत - सरपंच
इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि चक्रधर चैधरी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि गांव को पूर्ण ओडीएफ करना था. स्वच्छ भारत मिशन के तहत 201 शौचालय स्वीकृत हुआ था लेकिन हमारे द्वारा 288 शौचालय निर्माण किया गया है, जिसमें से आंधी तूफान एवं बारिश की वजह से कुछ शौचालय जर्जर हो गए हैं जिसकी मरम्मत की जा रही है. स्वयं की राशि से बनाए हितग्राहियों को भी राशि दिया जा चुका है, इसके बावजूद वे शिकायत कर रहे हैं.