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“कल तो प्रशासन आया था, आज कौन बचाएगा” कहकर सरपंचीन पुत्र के बाल पकड़ कर हाथापाई, सचिव को दी जान से मारने की धमकी, पदाधिकारियों के मन में भय.

बसना ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कब्ज़ा जमीन पर रह रहे लोगों को गौठान के लिए ख़ाली करवाना महंगा पड़ रहा है. इस बार मामला ग्राम पंचायत कुदारीबाहारा का है जहाँ प्रशासन के बड़े अधिकारीयों के जाने के बाद ग्राम पंचायत में जाकर सचिव, सरपंच पुत्र और राशनकार्ड बनाने के लिए पदस्थ कर्मचारियों में सामने शासकीय कार्य को बाधा पहुंचाते हुए जाने से मारने की धमकी दी जा रही है.  

जानकारी के अनुसार मोहनदीप ग्राम पंचायत कुदारीबहारा में पदस्थ है और 18 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन लेने पंचायत भवन कुदारीबाहरा में रोजगार सहायक अशोक चौहान, तकनीकी सहायक निर्मला खुंटे, मनोहर पटेल व अन्य गांव वाले बैठे थे.

उसी बीच पंचायत भवन में गांव के हेमलाल साव और पिरीतराम साव ने पंचायत भवन जाकर राशनकार्ड नवीनीकरण कार्य में व्यवधान उत्पन्न करते हुए अश्लील गलियाँ दी और कहा कि कल प्रशासन को बुला के जमीन को नपवाये हो आज कौन बचायेगा कहकर चारागाह को जुताई करने जाने पर जान से मारने की धमकी दी और इसी बीच पिरीतराम साव ने वहां बैठे सरपंचीन के बेटे मनोहर पटेल के बाल को पकड़कर उसके साथ हाथा पाई किया.

इस मामले की शिकायत पंचायत के सचिव मोहनदीप ने बसना थाने में कर दी गई है जिस पर पुलिस ने धारा 294-IPC, 323-IPC, 34-IPC, 506-IPC, 186-IPC के तहत मामले को पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है.

क्या है मामला ?

दरअसल इस घटना के ठीक एक दिन पहले 17 जुलाई को शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गुरवा और बारी के तहत गोठाना और चारागाह के सीमांकन हेतु ग्राम कुदारीबाहरा के आश्रित ग्राम कुदारीबाहरा टुकड़ा में बसना जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व तहसीलदार उपस्थित थे और सीमांकन का कार्य कर रहे थे.

सीमांकन के कार्य में उन्हें पता चला कि कुदारीबाहरा तुकड़ा के हेमलाल साव, बृज साव, पिरीत साव, मोतीलाल साव, ललित साव का जमीन सरकारी घास जमीन है जहाँ उन्होंने अवैध रूप से कब्ज़ा किया हुआ है. अवैध रूप से कब्ज़ा पाए जाने पर कब्जाधारी अनावेदकों द्वारा उक्त घांस जमीन को छोड़ने सहमत होकर लिखित सहमति दिये थे. जिसके बाद 18 जुलाई को गौठान की जमीन पर जुताई कार्य शुरू कर दिया गया.

यह देखकर हेमलाल साव तथा पिरीतराम साव ने पंचायत भवन पहुंचे और शासकीय कार्य को बाधा पहुंचाते हुए सचिव मोहनदीप, रोजगार सहायक अशोक चौहान, तकनीकी सहायक निर्मला खुंटे को जान से मारने की धमकी देते बाहर मिलोगे तो जान से मार देगें कहकर धमकी दिया गया जिससे वे भयभीत है.

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