सरायपाली का मुख्य मार्ग बेहाल, कलेक्टर की तरफ से पत्र जारी कर जनता के रोष की सम्बंधित विभाग को दी जाएगी जानकारी !
रायपुर से सरायपाली तक राष्ट्रीय राजमार्ग में 4 लेन निर्माण होने के बाद शहर के अंदर वाले मार्गो का ख्याल रखने के लिये आज कोई नही है, जबसे 4 लेन का निर्माण हुआ है शहर के अंदर से जाने वाली सड़क जो कभी राष्ट्रीय राजमार्ग ही कही जाती थी और शायद आज भी है वो आज पूरी तरह लावारिश हो चुकी है.
इस सड़क की जिम्मेदारी ना तो पी.डब्लू.डी. लेती है और ना ही नगर पंचायत बीते कई वर्षों से लगातार इन सड़कों की हालत बत्तर होती जा रही है, बरसात के समय सरायपाली और बसना के कई जगह में तालाब बन जाता है. जो हालात है वह किसी से छुपा नही है, फिर भी कोई कुछ कहता नहीं है और जो कहता है उसकी कोई सुनता भी नहीं है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग ने अब तक इस सड़क को ना ही पी.डब्लू.डी. और ना ही किसी पंचायत के हवाले किया है. जिसका नतीजा नगर में रहने वाले लोगों को उठाना पड़ता है, कई वर्षों की परेशनी के बावजूद सरकार बदलने पर भी सड़क की स्थिति दयनीय चुकी है.
मुख्य मार्ग के हालात को सुधारने के किए कई बार शासन-प्रशासन से मांग की गई मगर कुंभकर्णी नींद में रमे नेता और अधिकारीयों को इस बात की चिंता जरा सी भी नहीं है.
वहीं सरायपाली से कांग्रेस नेता हरदीप सिंह रैना लगातार समाचार पत्रों और सोशल मिडिया से इस बात की शिकायत करते रहे है. विपक्ष में रहकर सड़क के मुद्दें में हमेशा उनकी बातों को नजर अंदाज किया जाता रहा है, आज पक्ष में रहते हुए भी मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बावजूद आज उन्होंने कलेक्टर से मिलकर सरायपाली के टूटे-फूटे मार्ग की मरम्मत को लेकर अवगत कराये.
जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर ने पी.डब्लू.डी.के चीफ इंजीनियर को बुलाकर समन्धित विभाग को कलेक्टर की तरफ से पत्र लिखने को और जनता के रोष की जानकारी देने को कहा है.
सरायपाली के लोकनिर्माण विभाग के एक अधिकारी से बात करने पर पता चला कि इस रोड की मरम्मत के लिए विधायक द्वारा लोकनिर्माण विभाग पत्र लिखा गया था लेकिन उन्होंने यह पत्र अपने ऊपर के अधिकारियों को भेज दिया और कहा कि यह सड़क नेशनल हाईवे के अंतर्गत आता है इसलिए हम इस सड़क की मरम्मत का कार्य नहीं कर सकते.